बनवारी लाल पुरोहित और भगवंत मान।
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पंजाब में सरकार और राजभवन के बीच विवाद उलझता ही जा रहा है। अब पंजाब सरकार राज्यपाल के विधानसभा का बजट सत्र बुलाने की मंजूरी न देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को ट्वीट के जरिये यह एलान किया। उन्होंने लिखा कि राज्य सरकार सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी और दिल्ली के सीनियर एडवोकेट यह केस लड़ेंगे।
मुख्यमंत्री मान ने ट्वीट किया- 'दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की झलकियां... दिल्ली में बहुमत के बावजूद मेयर बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाओ... डिप्टी मेयर बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाओ... पंजाब विधानसभा का बजट सत्र चलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ रहा है... लोकतंत्र की तलाश जारी है...।'
गौरतलब है कि राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने पंजाब कैबिनेट द्वारा तीन मार्च से पंजाब विधानसभा का बजट सत्र बुलाने के लिए अनुमति देने से इन्कार कर दिया था। कैबिनेट की ओर से भेजे गए पत्र के जवाब में 23 फरवरी को राज्यपाल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नाम लिखे पत्र में कहा था कि वह उनके 13 फरवरी के पत्र और ट्वीट पर कानूनी राय ले रहे हैं, जो कि असांविधानिक और अपमानजनक है। पुरोहित का कहना था कि कानूनी राय लेने के बाद ही वह बजट सत्र बुलाने संबंधी अनुमति देने पर फैसला लेंगे।
यह भी उल्लेखनीय है कि 13 फरवरी को राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर, सिंगापुर में ट्रेनिंग के लिए भेजे गए प्रिंसिपलों की चयन प्रक्रिया व खर्च समेत चार अन्य मुद्दों पर जानकारी तलब की थी। इसके जवाब में, मुख्यमंत्री ने 13 फरवरी को ही ट्वीट कर राज्यपाल की नियुक्ति पर सवाल उठाने के साथ-साथ कहा था कि राज्यपाल द्वारा उठाए सभी मामले राज्य का विषय हैं। मुख्यमंत्री ने लिखा था कि उनकी सरकार 3 करोड़ पंजाबियों के प्रति जवाबदेह है न कि केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किसी राज्यपाल के प्रति। इसके बाद से मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच उक्त पूरे मामले ने विवाद का रूप ले लिया है।