कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
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पंजाब सरकार ने प्रो. गुरदयाल सिंह को समर्पित राज्यस्तरीय अवार्ड की स्थापना की है। उच्च शिक्षा और भाषा मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने बताया कि पंजाब सरकारने प्रो. गुरदयाल सिंह के नाम पर सर्वोत्तम साहित्यिक पुस्तक पुरस्कार (अनुवाद) की स्थापना की है।
प्रो. गुरदयाल सिंह पंजाबी साहित्य की प्रसिद्ध शख्सियत हैं, जो किसी भी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उनको पंजाब सरकार के भाषा विभाग की तरफ से पंजाबी साहित्य पुरस्कार, पंजाबी साहित्य रत्न पुरस्कार के साथ-साथ भारत सरकार के ज्ञानपीठ अवार्ड के साथ नवाजा जा चुका है।
बाजवा ने कहा कि प्रो. गुरदयाल सिंह के नाम पर पंजाब सरकार की तरफ से सर्वोत्तम साहित्यिक पुस्तक पुरस्कार स्थापित करना पंजाबी जगत के लिए बहुत ही गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार 2021 से हर साल पंजाबी में अनुवादित सर्वोत्तम पुस्तक के लेखक को दिया जाएगा, जिसमें 21,000 रुपये की राशि, प्लैक और शॉल के साथ सम्मानित किया जाएगा। इस पुरस्कार के लिए लेखक 01 जनवरी से 31 दिसंबर 2020 तक तैयार की गई पुस्तकें भाषा विभाग, पंजाब को 30 अप्रैल 2021 तक भेज सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. नरिंदर सिंह कपानी के निधन पर दुख जताया
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भारतीय मूल के प्रसिद्ध अमेरिकी वैज्ञानिक और सिख कला एवं साहित्य के संरक्षक डॉ. नरिंदर सिंह कपानी के देहांत पर दुख प्रकट किया है। वह 94 वर्षों के थे। शुक्रवार को अमेरिका के कैलिफोर्निया में उनका निधन हो गया। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं।
शोक संदेश में कैप्टन ने कहा कि उनको महान समाजसेवी और सिख फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. कपानी की मौत के बारे में सुनकर दुख पहुंचा है। जिन्होंने पुस्तकों, कलाकृतियों और प्रदर्शनियों द्वारा सिख धर्म के विभिन्न पक्ष और पहलुओं को पेश करने के अलावा सिख पुरातन विरसे के लिए निरंतर योगदान दिया। फाइबर ऑप्टिक के पितामह के तौर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में डॉ. कपानी के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में बेमिसाल खोज के अलावा लेजर, सौर ऊर्जा और प्रदूषण निगरानी में भी उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।