प्रदर्शनकारियों द्वारा पंजाब के 13 टोल प्लाजा ठप करने के मामले में पंजाब सरकार हरकत में आ गई है। एनएचएआई की याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने बताया कि 12 टोल से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया गया है। जगजीतपुरा टोल को बरनाला के पाखों गांव में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है। टोल शिफ्ट होते ही प्रदर्शनकारी वहां से हट जाएंगे।
एनएचएआई ने सीनियर एडवोकेट चेतन मित्तल के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए बताया कि पंजाब भर में प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर 13 टोल प्लाजा बंद करवा दिए हैं। याची पक्ष ने बताया कि टोल बंद होने के चलते यहां से टोल राशि वसूल नहीं हो पा रही है और 17 दिसंबर से लेकर 4 जनवरी तक करीब 26 करोड़ 60 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है।
पंजाब के अमृतसर, जालंधर, फिरोजपुर, तरनतारन, होशियारपुर, पठानकोट, कपूरथला और बरनाला में मौजूद इन टोल प्लाजा को प्रदर्शनकारियों ने बंद करवाया है। इन टोल को खुलवाने और कर्मियों की सुरक्षा के लिए एनएचएआई ने संबंधित जिलों के डीसी व पुलिस अधिकारियों से भी गुहार लगाई है लेकिन उसका कोई लाभ नहीं हुआ। एनएचएआई ने बताया कि कई टोल पर तो अब प्रदर्शनकारियों ने ही टोल की अवैध वसूली शुरू कर दी है।
एनएचएआई ने मामले में दखल देने की हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। याचिका में पंजाब सरकार सहित पंजाब के 8 जिलों के डीसी को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका में एनएचएआई ने कहा कि इस प्रदर्शन के चलते कर्मियों की सुरक्षा खतरे में है और एनएचएआई को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर पंजाब सरकार को आदेश दिया था कि टोल पर उचित सुरक्षा मुहैया करवाई जाए और वहां पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली न हो यह सुनिश्चित करवाया जाए। हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप पंजाब सरकार ने बताया कि सभी टोल पर सुरक्षा उपलब्ध करवाई गई है।