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खुलासाः शहीदों की विधवाओं को देने को सरकार के पास जमीन नहीं

Mon, 25 Apr 2016 03:19 PM IST
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली
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प्रकाश सिंह बादल, पंजाब सीएम - फोटो : amar ujala
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शहीदों की पत्नियों से वायदा किया कि जमीन देंगे। अब सरकार अपने इस वायदे से यह कहकर पीछे हट रही कि जमीन नही है। पाकिस्तान और चीन से देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर सपूतों  की करीब 161 विधवाओं को राज्य सरकार ने खेती योग्य जमीन देने का वायदा किया था। प्रत्येक विधवा को दस एकड़ जमीन दी जानी थी। लेकिन 52 साल बीत जाने के बाद विधवाओं को जमीन नहीं मिल पाई है। जिससे सैनिकों के परिवारों को परेशानी उठानी पड़ रही हैं।
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जमीन की दौड़ महावीर और वीर चक्र सम्मानित सैनिक भी शामिल है। इसी मामले को लेकर एक्स सर्विसमैन ग्रीवासेंस सेल की तरफ डायरेक्टर सैनिक वेलफेयर पंजाब, वेस्टर्न कमांड, रक्षा मंत्री व प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस तरफ ध्यान देने की मांग की है। संस्था की तरफ से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि 1962, 65 और 71 में पंजाब के रहने वाले करीब 161 सैनिक शहीद हुए थे। उस समय से सरकार ने शहीदों की विधवाओं को जमीन देने के वायदा किया था। लेकिन अब सरकार ऐसा करने से पीछे हट रही है। जबकि आरटीआई से मिली

जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार के पास 172000 एकड़ एग्रीकल्चर लैंड सरप्लस है। यह राज्य के विभिन्न जिलों में है। जबकि इस जमीन में से 82000 एकड़ जमीन पर लोगों ने गैर कानूनी तरीके से कब्जा कर रखा है। इसके बाद कुछ विधवाओं व उनके वारिसों ने कोर्ट के माध्यम से जमीन लेने की कोशिश की। कुछ विधवाओं की मौत हो चुकी हैं। जबकि कुछ की हालत खस्ता चल रही है।
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सरकार प्रति एकड़ जमीन का मुआवजा दे रही है कम
दूसरी तरफ सरकार का कहना है कि उनके पास कोई जमीन नहीं है। सरकार शहीदों के परिवार को एक एकड़ जमीन के बदले पचास हजार से एक लाख रुपये तक  मुआवजा दे रही है। जबकि शहीदों के परिवारों का कहना है कि सरकार जो जमीन का मुआवजा दे रही है। वह काफी कम है। वहीं, अब सरकार को इस क्षेत्र में आगे आना होगा।

कुछ सैनिकों की जमीन पर माफिया का कब्जा
सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि कुछ जमीन पर माफिया ने कब्जा कर रखा है। उक्त जमीन को छुड़ाने के लिए परिवार को लंबा संघर्ष करना पड़ रहा है। एक सैनिक की पत्नी महिंद्र कौर तीस साल से जमीन को छुड़वाने के लिए संघर्ष कर रही है।
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