वहीं राष्ट्रीय औसत के अनुसार 9 दिनों में मामलों की संख्या दोगुनी हो रही है। उन्होंने राज्य में कोविड-19 की प्रभावशाली रोकथाम का खुलासा करते हुए बताया कि 31 मार्च तक भारत के कुल मामलों में से पंजाब का हिस्सा 2.57 प्रतिशत था जोकि तीन हफ्तों बाद अब कम होकर 22 अप्रैल तक 1.22 प्रतिशत रह गया है। इसी तरह कोविड-19 की स्थिति पंजाब में बाकी देश की अपेक्षा बेहतर है।
कैप्टन ने नवांशहर का उदाहरण दिया। जहां प्रभावशाली ढंग से पाबंदी लगाकर बेहतर नतीजे सामने आए हैं, जिसकी भारत सरकार ने भी सराहना की है। उन्होंने मीटिंग में जानकारी देते हुए बताया कि नवांशहर जो देश के पहले हॉटस्पॉट क्षेत्रों में से एक था। वहां 18 कोरोना पीड़ित मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए हैं।
शुरुआत में ग्रंथी बलदेव सिंह की मृत्यु जरूर हुई थी लेकिन 26 मार्च के बाद कोई नया केस सामने नहीं आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की तुलना केरल और गुजरात से की जानी चाहिए क्योंकि वह भी ज्यादा एनआरआई आबादी वाले राज्य हैं। उन्होंने बताया कि प्रति मिलियन आबादी के हिसाब से गुजरात की अपेक्षा पंजाब बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और यहां केरल की अपेक्षा भी कम मामले हैं। (पंजाब में प्रति मिलियन 9 और केरल में प्रति मिलियन 12 मामले हैं)।