राज्य सरकार ने सितंबर 2019 में विधायकों फरीदकोट से कुशलदीप ढिल्लों, गिदड़बाहा से अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, टांडा उड़मुड़ से संगत सिंह गिलजियां और अमृतसर साउथ से इंदरबीर बुलारिया को राजनीतिक सलाहकार, फतेहगढ़ साहिब से कुलजीत नागरा को सलाहकार (योजना) नियुक्त कर कैबिनेट रैंक दिया था। जबकि, अटारी से विधायक तरसेम सिंह डीसी को सलाहकार (नियुक्त) कर राज्यमंत्री का दर्जा दिया था।
शिअद ने किया राज्यपाल के फैसले का स्वागत
शिरोमणि अकाली दल ने राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर द्वारा सीएम के छह सलाहकारों की नियुक्ति की फाइल वापस भेजने का स्वागत किया है। पूर्व मंत्री जनमेजा सिंह सेखों ने कहा है कि फाइल लौटा कर राज्यपाल ने संविधान के रखवाले का काम किया है। राज्यपाल ने 13 सवाल भी पूछे हैं जो इशारा करते हैं कि यह बिल संवैधानिक जांच के आगे नहीं टिकेगा।
कांग्रेस सरकार के लिए ठीक होगा कि बिल वापस ले और संविधान के 91वें संशोधन के उल्लंघन के लिए पंजाबियों से माफी मांग ले। जिसमें लिखा है कि मंत्रियों की संख्या विधायकों की संख्या के 15 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती। सेखों ने यह भी मांग की कि इन सलाहकारों पर अब तक खर्च हुए पैसे इनसे ही वसूल कर सरकारी खजाने में जमा कराए जाएं। इनके खिलाफ अयोग्य ठहराए जाने की कार्रवाई भी की जाए।