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फैसला: अमरिंदर सिंह के सलाहकारों की सुरक्षा पंजाब सरकार ने ली वापस, कहा- अब ये सभी आधिकारिक पद पर नहीं

Thu, 30 Sep 2021 02:22 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी वीआईपी कल्चर को खत्म करने में जुट चुके हैं। इसकी शुरुआत उन्होंने सबसे पहले खुद से की। डीजीपी को पत्र लिखकर सीएम ने अपनी सुरक्षा को कम करने का आदेश दिया। इसके बाद मंत्रियों से भी सुरक्षा कम करने की अपील की। अब सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सलाहकारों और ओएसडी की सुरक्षा वापस ले ली है।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो) - फोटो : फाइल
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विस्तार
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पंजाब सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ओएसडी और सलाहकारों की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को वापस बुला लिया है। आदेश में कहा गया है कि चूंकि अधिकारी अब आधिकारिक पद पर नहीं हैं, इसलिए उन्हें प्रदान सुरक्षा कर्मियों को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। कैप्टन अमरिंदर सिंह के सलाहकार संदीप सिंह संधू, मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल और पंजाब के महाधिवक्ता रहे अतुल नंदा समेत तमाम लोगों की सुरक्षा को वापस लिया गया है। 

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इनकी सुरक्षा ली गई वापस
लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) टीएस शेरगिल, रवीन ठुकराल, मेजर अमरदीप सिंह, अतुल नंदा, संदीप सिंह बराड़, दमनजीत सिंह मोही, गुरप्रीत सिंह ढेसी उर्फ सोनू, संदीप सिंह संधू, अंकित बंसल, जगदीप सिंह सिद्धू, गुरमेहर सिंह सेखों, हनी सेखों, करणबीर सिंह, नरिंदर भाबरी, परमिंदर पाल सिंह मान, विमल सुंबली, खूबी राम, जीएस सोढी, सुरेश कुमार और भरत इंदर चहल।
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सीएम भी घटाएंगे सुरक्षा
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी अपनी सुरक्षा कम करेंगे। हाल ही में उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात अमले को घटाने का आदेश डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता को जारी किया था। बता दें कि चन्नी ने बीते दिनों मुख्यमंत्री की सुरक्षा में 1000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती पर सवाल उठाए थे।

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पिछले सोमवार को डीजीपी को लिखित आदेश जारी कर मुख्यमंत्री ने कहा था कि 20 सितंबर को बतौर मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण के बाद मैंने अपनी सुरक्षा में तैनात अमले को घटाने का निर्देश डीजीपी को दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने 22 सितंबर को फिर से डीजीपी को पत्र लिखकर अपना निर्देश दोहराया लेकिन डीजीपी की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। 
 
तीसरे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा, मैं अब मौजूदा पुलिस प्रमुख को आदेश देता हूं कि मेरी सुरक्षा में तैनात अमले को कम करने की तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि वह आम आदमी के नुमाइंदे हैं और आम लोगों के लिए ही काम करेंगे। हद से ज्यादा सुरक्षा की उन्हें जरूरत नहीं है।

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