प्रत्येक सुधार का भाग जीएसडीपी का 0.25 प्रतिशत होगा और इस तरह कुल एक प्रतिशत होगा। एक प्रतिशत उधार लेने की बाकी सीमा हर एक को 0.50 प्रतिशत की दो किस्तों में जारी की जाएगी। पहली किस्त खुले रूप में सभी राज्यों को तुरंत जबकि दूसरी निर्धारित सुधारों में से कम से कम तीन के लिए जारी की जाएगी।
21563 करोड़ का आमदनी घाटा होने की आशंका
प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कोविड के फैलाव को रोकने के लिए पूरी सतर्कता के साथ काम किया गया और इस महामारी के नतीजे के तौर पर राज्य के कुल घरेलू उत्पाद और आमदनी को भी नुकसान हुआ है। वित्त मंत्री द्वारा पंजाब मंत्रीमंडल के समक्ष पेश किए गए मूलभूत अंदाजों के मुताबिक, राज्य को आमदन पक्ष से 21,563 करोड़ का घाटा होने की आशंका है, जो कि वित्त वर्ष 2020-21 में 88,004 करोड़ की कुल आमदनी वसूली का 25 फीसदी के करीब है।
इसके साथ ही लॉकडाउन में 31 मई तक की गई वृद्धि के साथ 26,400 करोड़ आमदन नीचे आएगी, जोकि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान राज्य की होने वाली अंदाजन कुल आमदन वसूली (बीई) का 30 फीसदी बनता है। अनुमान के मुताबिक, राज्य के कुल घरेलू उत्पाद में विस्तार नहीं होगा और यह 5,74,760 करोड़ (2019-20) के बराबर रहेगा। इसके साथ कुल आमदन वसूली (टीआरआर) में करीब 25,578 करोड़ या 29.26 फीसद घाटा होने की उम्मीद है।