प्रत्येक जिले में कार्यालय स्थापित होंगे : निवेशकों के लिए प्रत्येक जिले में जिला उद्योग और निवेश प्रोत्साहन (डीबीआईआईपी) कार्यालय स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। पहले चरण में अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, एसएएस नगर, पटियाला और बठिंडा को शामिल किया जाना है।
स्टार्ट-अप और उद्यमिता विकास : राज्य में शुरुआती स्तर के स्टार्ट-अप में निवेश करने के लिए 150 करोड़ रुपये का पंजाब इनोवेशन फंड स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस फंड में सरकार की भागीदारी अधिकतम कॉरपस यानी 15 करोड़ रुपये अधिक से अधिक 10 प्रतिशत की होगी। ‘वित्तीय सहायता से स्टार्ट-अप्स‘ के तहत इसके लिए 10 करोड़ का प्रावधान है।
औद्योगिक सामाजिक संस्थानों का उन्नयन : राज्य, पीएसआईईसी के माध्यम से एमएसई-सीडीपी (आईआईडी) योजना के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की पंजाब राज्य में औद्योगिक फोकल प्वाइंट के उन्नयन के लिए कुल 17 परियोजनाएं शुरू की हैं, जो कुल 146.22 करोड़ के परिव्यय में हैं।
औद्योगिक सब्सिडी/प्रोत्साहन : सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र का समर्थन करने के अपने प्रयास में पिछले 3 वर्षों में 5412 करोड़ रुपये की सब्सिडी वाली बिजली 1.38 लाख औद्योगिक उपभोगताओं को प्रदान की है। इसे जारी रखते हुए वर्ष 2021-22 के दौरान औद्योगिक बिजली सब्सिडी प्रदान करने के लिए 1928 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसके अलावा, वर्ष 2021-22 में विभिन्न औद्योगिक नीतियों के लिए पात्र और हकदार औद्योगिक इकाई के लिए स्वीकृत पूंजीगत सब्सिडी के वितरण के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
वन-टाइम सेटलमेंट पॉलिसी : राज्य ने ऐसे बॉयलर उपयोगकर्ताओं के लिए ओटीएस-एमनेस्टी योजना की घोषणा की थी। अब तक विभाग द्वारा 85.60 लाख की राशि के साथ 378 बॉयलरों को नियमित किया गया है।
हाइटेक साइकिल वैली : राज्य सरकार 500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ लुधियाना के धनानसू में 383 एकड़ के क्षेत्र में एक विश्व स्तरीय अत्याधुनिक हाईटेक साइकिल वैली विकसित कर रही है। यह वैली नए निवेशकों को आकर्षित करने में मदद करेगी।
होशियारपुर में रेसलिंग और फिरोजपुर में रोईंग एकेडमी : खेल और युवा सेवाओं के लिए 147 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। होशियारपुर में नइ रेसलिंग एकेडमी और फिरोजपुर में रोईंग एकेडमी को वर्ष 2021-22 में आंरभ किया जाएगा। 50 लाख रुपये की लागत से टेबल टेनिस जालंधर की खास मरम्मत करवाई जाएगी। पटियाला में महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के लिए 15 करोड़ रुपये का अलग आवंटन किया है।
सड़कों और पुलों के लिए 2111 करोड़
निर्माणाधीन नई सड़कों और पुलों के लिए 2,111 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है और वर्ष 2021-22 के दौरान 560 किलोमीटर लंबाई की सड़कों एवं पुलों के उन्नयन, निर्माण और मरम्मत के लिए 575 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। 124 ग्रामीण सड़कों के लिए नाबार्ड से 150 करोड़ रुपये का बजट है।
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने को 154 करोड़
राज्य सरकार ने कोविड -19 महामारी और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए 154.78 करोड़ रुपये और 812 करोड़ रुपये की राशि जिलों और अन्य विभागों को जारी की है।
कम दृश्यता में लैंडिंग की योजना
सर्दियों में कम दृश्यता लैंडिंग को सक्षम करने के लिए रनवे -11 पर कैट 3-बी आईएलएस की स्थापना की योजना बनाई जा रही है और कम दृश्यता की स्थिति के दौरान विमानों को संभालने के लिए अपग्रेडेड इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) स्थापित किया जा रहा है।
ई गर्वनेंस के लिए 82 करोड़
राज्य सरकारी विभागों/बोर्डों/निगमों और 10 विश्वविद्यालयों की 15 और सेवाओं को डिजीलॉकर पर ऑनबोर्ड कर रहा है। 64 विभागों/बोर्डों/निगमों को पहले से ही ऑनबोर्ड किया जा चुका है जब कि शेष राज्य विभागों/बोर्डों/निगमों की ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया चल रही है। नागरिकों और उनके परिवारों के लिए एक संयुक्त आईडी बनाएगा। विभिन्न ई-गवर्नेंस परियोजनाओं के लिए 82 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे वाइड एरिया कनेक्टिविटी (वैन), लोकल एरिया नेटवर्क (लैन) और स्टेट डेटा सेंटर (एसडीसी) शामिल हैं।