कनाडा में पढ़ाई के लिए जाने का औसतन खर्च 14 लाख रुपये आता है, जिसमें से एडमिशन के बाद 30 फीसदी कमीशन ट्रैवल एजेंट हड़प जाते हैं, जबकि यह राशि विदेश पढ़ने गए छात्र को मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कनाडा में स्वयं देखा है कि कई विश्वविद्यालय केवल एक कमरे में चल रहे हैं और ऐसे फर्जी विश्वविद्यालय में धोखेबाज ट्रैवल एजेंट युवाएं को फंसा देते हैं।
चन्नी ने बताया कि पंजाब सरकार का रोजगार सृजन विभाग ‘विदेशी शिक्षा सेल’ स्थापित करने जा रहा है, जो विद्यार्थियों को न सिर्फ धोखेबाज ट्रैवेल एजेंटों और नकली विदेशी विश्वविद्यालयों से बचाएगा, बल्कि विदेशी पब्लिक यूनिवर्सिटियों व कॉलेजों और मान्यता प्राप्त संस्थाओं के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ उनमें दाखिले में सहयोग भी करेगा।
उन्होंने बताया कि इस तरह विदेश जाने वाले पंजाबी युवाओं को दाखिले के बाद जो कमिशन राशि मिलनी चाहिए, यह सेल उस कमीशन को सीधे छात्र के खाते में ट्रांसफर करना भी यकीनी बनाएगा।