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Punjab: जेलों में बंद कैदी बनेंगे डाटा एंट्री ऑपरेटर, शेफ व हेयर स्टाइलिस्ट, मुख्यधारा में वापस लाना मकसद

Mon, 02 Dec 2024 08:55 AM IST
निवेदिता वर्मा राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

इस कार्यक्रम के तहत जो भी कैदी कोर्स पूरा करेंगे, उनको जेल के अंदर जरूरत के मुताबिक काम सौंपा जाएगा। उनकी रिहाई के बाद नौकरी की तलाश में भी उनकी मदद की जा सकती है, ताकि उनको किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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समारोह को संबोधित करते सीएम भगवंत मान - फोटो : X @BhagwantMann
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विस्तार
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पंजाब सरकार ने जेल में बंद कैदियों को रिहाई के बाद समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए अहम फैसला लिया है। सरकार की तरफ से सात जेलों में कैदियों को विशेष कोर्स करवाए जाएंगे, ताकि वह अपराध की दलदल में वापस न जाएं। 
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पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन (पीएसडीएम) को इसका काम सौंपा गया है, जिसने कैदियों को कोर्स करवाने के लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मिशन की तरफ से पहले चरण में एक हजार कैदियों को ये कोर्स करवाए जाएंगे, जिसमें डाटा एंट्री ऑपरेटर, शेफ, हेयर स्टाइलिस्ट व फील्ड टेक्नीशियन आदि शामिल हैं।

एजेंसी की तलाश शुरू

पीएसडीएम ने इस काम के लिए एजेंसी की तलाश भी शुरू कर दी है और इसी महीने से सभी जेलों में ये कोर्स शुरू कर दिए जाएंगे। तीन महीने के ये कोर्स 15 मार्च, 2025 तक पूरे करने हैं। इससे पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 500 कैदियों को मिशन की तरफ से ट्रेनिंग दी गई थी, जिसका विभाग को अच्छा रिस्पांस मिला है। यही कारण है कि अब विभाग ने पहले चरण में एक हजार कैदियों को इस प्रोग्राम में शामिल किया है। दूसरे और तीसरे चरण में अधिक कैदियों को शामिल किया जाएगा।

इसके अलावा महिला कैदियों को भी कौशल से निपुण करने के लिए विशेष कोर्स करवाने पर विचार किया जा रहा है। सबसे ज्यादा पटियाला जिले की जेल के 300 कैदियों को कोर्स कराया जाएगा। इसी तरह फरीदकोट जिले के 160 कैदियों को कोर्स में शामिल किया जाएगा। लुधियाना जिले के 250 कैदियों का चयन किया गया है। इसके अलावा मोगा के 90, बठिंडा के 65 व मानसा के 30 कैदियों का चयन किया गया है।

इस कार्यक्रम के तहत जो भी कैदी कोर्स पूरा करेंगे, उनको जेल के अंदर जरूरत के मुताबिक काम सौंपा जाएगा। उनकी रिहाई के बाद नौकरी की तलाश में भी उनकी मदद की जा सकती है, ताकि उनको किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस काम में अलग-अलग एजेंसियां भी मिशन की मदद करेगी, जिसके लिए सरकार एक अलग से योजना पर काम कर रही है। एजेंसी अगर विभाग की तरफ से तय नियम व शर्तों को पूरा नहीं करती है तो उसके खिलाफ प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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ये कोर्स भी करवाए जाएंगे  

विभाग की तरफ से कैदियों को कोर्स करवाए जाएंगे, उनमें प्लंबर, टेलर, जेसीबी चालक, फॉरेस्ट नर्सरी रेजर, वर्मीकम्पोस्ट निर्माता, फील्ड टेक्नीशियन एयर कंडीशिनयर, असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट, इलेक्ट्रिकल टेक्नीशियन, डोमेस्टिक डाटा एंट्री ऑपरेटर, हेयर स्टाइलिस्ट व शेफ के कोर्स शामिल हैं। महिला कैदियों को सिलाई मशीन ऑपरेटर व असिस्टेंट हेयर ड्रेसर व स्टाइलिस्ट के कोर्स भी करवाएं जाएंगे।

जेलों में तैयार करने होंगे क्लासरूम 

विभाग की तरफ से जिस भी एजेंसी को कोर्स करवाने का काम सौंपा जाएगा, वह सभी जेलों में क्लासरूम तैयार करेगी। साथ ही इसमें सभी तरह की सुविधाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी भी एजेंसी की होगी। कोर्स के मुताबिक ट्रेनर मुहैया करवाए जाएंगे। पूरे कार्यक्रम की मॉनिटरिंग की जाएगी और साथ ही कैदियों को करवाए जाने वाले कोर्स की असेस्मेंट की जाएगी। जेल अथॉरिटी की तरफ से डेट वाइज सभी ट्रेनरों की अटेंडेंस को वेरिफाई किया जाएगा, ताकि सही रूप से इस कार्यक्रम को पूरा किया जा सके।
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