चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की 60 नई नॉन एसी बसें जयपुर में तैयार हो रही हैं। अभी ये बसें चंडीगढ़ पहुंची भी नहीं हैं लेकिन बस की पिछली सीट को लेकर विवाद छिड़ गया है।
प्रोटोटाइप बस के तैयार होने के बाद सीटीयू के चालक-परिचालकों ने देखा कि बस की आखिरी सीट पुराने जमाने की तरह ही एक लंबी सीट बना दी है। सीटीयू यूनियन के साथ सवारी ने भी परिवहन सचिव को शिकायत कर दी है। उनका कहना है कि बस की आखिरी सीट भी चेयर सीट ही होनी चाहिए।
साल की शुरुआत में बनी थी योजना
यूटी प्रशासन के परिवहन विभाग ने इस साल के शुरुआत में ही लांग रूट के लिए 60 बसों को सड़क पर उतारने की योजना बनाई थी। कई महीने पहले ही इन बसों की चेसी चंडीगढ़ पहुंच गई थी लेकिन चुनावी आचार संहिता में कई महीने निकल गए। सितंबर में सीटीयू ने जयपुर की एक कंपनी को बसों पर बॉडी लगाने का काम सौंपा है। अब कंपनी ने पहली बस तैयार कर दी है। सीटीयू के अधिकारियों ने जयपुर जाकर बस का निरीक्षण भी कर लिया है।
सीटीयू यूनियन ने लिखित में दी शिकायत
अधिकारी बस को लेकर संतुष्ट हैं लेकिन सीटीयू के कई चालक और परिचालकों ने बस की आखिरी सीट को लेकर आपत्ति जताई है। सीटीयू यूनियन ने भी लिखित में शिकायत की है और हाल ही में एक सवारी ने भी यूटी प्रशासन के परिवहन सचिव दीप्रवा लाकड़ा और सीटीयू को पत्र लिखा है। उधर, सीटीयू के अधिकारियों के अनुसार विभाग को यह बसें 15 दिसंबर तक मिल सकती हैं। इसके बाद इन्हें रूट पर उतारा जाएगा। परिवहन विभाग के निदेशक प्रद्युमन सिंह ने बताया कि बसों के आने के बाद उनके रजिस्ट्रेशन आदि की प्रक्रिया शुरू होगी। कुछ नए रूटों पर बस चलाने के लिए विभाग परमिट के लिए आवेदन करेगा।
लोगों का तर्कः आरामदायक नहीं होती, कई बार लग चुकी है चोट
जो नई बसें तैयार हो रही हैं, उसकी आखिरी सीट पुराने जमाने के बसों की तरह एक लंबी सीट की तरह रखा है, जबकि लोगों का कहना है कि वह सीट आरामदायक नहीं होती हैं, क्योंकि पूरे समय सीधे होकर बैठना पड़ता है। बस की बाकी सीटें चेयर सीट होती हैं, जो काफी आरामदायक होती हैं। जब किराया एक समान है तो सीटें भी एक समान होनी चाहिए। कई बार झटका पड़ने पर पीछे की सीट से लोगों को चोट भी लग चुकी है।
लोगों के फीडबैक के बाद हरियाणा रोडवेज ने भी अपने कई बसों में अब पीछे की सीट भी चेयर सीट ही कर दी है। सीटीयू की खुद की एसी बस में भी आखिरी सीट चेयर सीट रखी गई है लेकिन इन नॉन-एसी बसों में लंबी सीट रखने पर सवाल उठ रहे हैं। इसको लेकर सीटीयू यूनियन ने भी विभाग को लिखा है और सीट को बदलने की बात कही है।
विभाग का तर्कः चालक-परिचालक कर सकेंगे आराम, इसलिए रखी लंबी सीट
परिवहन विभाग के निदेशक प्रद्युमन सिंह ने कहा कि बस की आखिरी सिंगल सीट हर लिहाज से बेहतर हैं। ये बसें लॉन्ग रूट पर चलाई जाएंगी इसलिए आखिरी सीट पर चालक-परिचालक आराम भी कर सकेंगे। बसें उनसे चर्चा करके ही तैयार की जा रही हैं। आखिरी की सीटों पर सवारियों को एडजस्ट भी किया जा सकता है। नई बस में सवारियों के साथ चालक-परिचालकों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है।