सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कैप्टन ने वित्त कमिश्नर (विकास) को गन्ना पिराई का काम शुरू कराने के अलावा चीनी मिल मालिकों और राज्य सरकार के बीच हुए समझौते को पूरी तरह अमलीजामा पहनाने के लिए कहा है। 2015-16 के पिराई सीजन से जुड़ी किसानों की अदायगी के निपटारे के लिए प्राइवेट चीनी मिल मालिकों की तरफ से लिए 200 करोड़ रुपये के कर्ज का ब्याज वहन करने के लिए साल 2015 में किए वादे के अनुसार मुख्यमंत्री ने ब्याज की लगभग 65 करोड़ रुपये की राशि सीधे तौर पर किसानों को जारी करने का एलान किया।
इस मौके पर निजी चीनी मिल मालिकों ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिया कि 2017-18 के पिराई सीजन की किसानों की बकाया राशि जल्द अदा कर दी जाएगी। बैठक में कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, एडवोकेट जनरल अतुल नंदा, मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, वित्त कमिश्नर (विकास) विश्वजीत खन्ना, प्रमुख सचिव (वित्त) अनिरुद्ध तिवारी और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह भी उपस्थित थे। बैठक में निजी मिल मालिकों में रजिंदर सिंह चड्ढा, कमल ओसवाल, राणा इंद्र प्रताप सिंह, जरनैल सिंह वाहिद और कुनाल यादव शामिल थे।