पंजाब सरकार ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में दस्तावेज सौंपते हुए बताया है कि यूटी होने के बावजूद चंडीगढ़ पंजाब का हिस्सा और राजधानी है। 1952 में चंडीगढ़ को राजधानी घोषित किया गया था और 1966 में पंजाब री-ऑर्गेनाइजेशन एक्ट आने के बाद इसे यूटी का दर्जा दे दिया गया इसके बावजूद चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी होने का दर्जा कायम है।
मंगलवार को हरियाणा सरकार से जवाब मांगा गया तो उन्होंने जवाब देने के लिए समय मांग लिया। अब अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी। चंडीगढ़ के फूल कुमार ने याचिका में बताया था कि शहर में पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों का कोटा तय है। चंडीगढ़ जिला अदालत में न्यायिक अधिकारियों का अपना अपना कोई कोटा नहीं है और यहां पंजाब और हरियाणा के न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति होती है।
दोनों ही राज्य चंडीगढ़ के अनुसूचित जाति के आवेदकों को आरक्षण नहीं देते जबकि चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा दोनों की राजधानी है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा था कि पहले वह दस्तावेज दिखाओ, जिसमें यह तय किया गया हो कि चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की राजधानी है। पंजाब के एजी अतुल नंदा ने हाईकोर्ट को बताया कि 1947 में देश के आजाद हो जाने के बाद पंजाब की राजधानी को लाहौर से बदल कर शिमला किया था।