पंजाब ते कृषि सचिव काहन सिंह पन्नू ने कहा कि टिड्डी दल पंजाब में घुसा तो वापस नहीं जा पाएगा। विभाग ने किसानों के साथ मिलकर टिड्डियों से निपटने के लिए आक्रामक रणनीति तैयार की है। पन्नू ने पत्रकारों को बताया कि पाकिस्तान से चला टिड्डी दल राजस्थान के रास्ते पंजाब के सीमावर्ती जिलों के काफी करीब पहुंच चुका है।
दोपहर बाद आंधी और बारिश से बदले मौसम ने पंजाब की तरफ इसकी रफ्तार धीमी कर दी। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग केंद्र सरकार और टिड्डी दल सूचना संगठन से पूरी तरह तालमेल बैठाकर चल रहा है। बठिंडा, फाजिल्का, मुक्तसर व साथ लगते जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। कृषि विभाग के अधिकारी गांव- गांव में पहुंच गए हैं और किसानों को टिड्डी दल से निपटने के उपायों की जानकारी दे रहे हैं।
किसानों से कहा गया है कि हवा में उड़ती टिड्डियों को खेतों में बैठने से रोकने के लिए पारंपरिक तरीके अपनाते हुए टीन कनस्तर, लाउडस्पीकर, डीजे आदि से शोर करें ताकि टिड्डी दल हवा के साथ आगे बढ़ जाए।
उन्होंने बताया कि टिड्डी दल शाम ढलते ही हरियाली वाले किसी एक स्थान पर उतर जाता है और अगले दिन धूप तेज होने के बाद ही उड़ता है। इस दौरान वह पूरी हरियाली, साग सब्जी, पेड़ पौधे खा जाता है। यही वह समय है जब टिड्डी दल को उड़ने से पहले मार डालना होगा। कृषि विभाग ने इसके लिए आवश्यक कीटनाशक, आधुनिक स्प्रे पंप, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैयार रखी हैं। इस बीच नई दिल्ली से मिली सूचना के अनुसार, केंद्र सरकार ने प्रभावित राज्यों को टिड्डी दल पर कीटनाशकों के छिड़काव के लिए हेलीकॉप्टर मुहैया कराने का फैसला किया है।