सावन ने पूछताछ में बताया कि छज्जू ने रशीद, नौसो, जुबराना, वाफीला और तवज्जल बीबी से माधोपुर और थरियाल में रेकी करवाई। छज्जू पहले से ही इस इलाके को काफी अच्छे से जानता था। 19 की रात 8 बजे उन्होंने रैना के फूफा की कोठी और आसपास के 2-3 घरों को टारगेट बनाने की योजना बनाई। तीन ग्रुप में बंटे आरोपियों ने सफेदे के पेड़ से मोटी लकड़ियां तोड़ीं और पास की ही एक शटरिंग की दुकान पर पहुंचे। वहां से वे एक सीढ़ी चुरा लाए।
इसके बाद आरोपियों ने पहले घर के सामने सीढ़ी लगाई तो टाइलों के गोदाम में जा पहुंचे। इसके बाद दूसरे घर की दीवार पर सीढ़ी लगाकर चढ़े तो वह खाली निकला। तीसरे घर की पिछली तरफ सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़ते ही उन्हें सो रहे रैना के फूफा अशोक, उनका बेटा कौशल और बुआ आशा दिखी। इसके बाद आरोपी नौसो, रशीद, शाहरुख खान, साजन और रिंडा ने इनके सिर पर डंडों से ताबड़तोड़ वार किए। इस हमले के बाद ये लोग सीढ़ियों से नीचे उतरे और कमरे में सो रहे अपिन और सत्या देवी पर टूट पड़े।
इसके बाद आरोपी लूट को अंजाम देकर वहां से फरार हो गए। सभी ने बैगों में भरे सामान, नकदी और गहनों को एक खुली जगह पर जाकर बांटा। वारदात के बाद सभी अलग समूहों में बंट गए। इसके बाद साजन, रिंडा और गोलू जगरांव चले गए। नौसो, रशीद, रेहान, जुबराना, वाफिला और तवज्जल बीबी राजस्थान की ओर निकल गए। सावन ने बताया कि वह मोहब्बत और शाहरुख खान के साथ यहीं रुक गया। बाकी लोगों ने उन्हें कहा कि वे यहीं पर रहकर और शिकार तलाशें। वे एक महीने बाद फिर आकर वारदात करेंगे।