विभाग ने बताया कि केंद्र सरकार ने नए मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों के तहत लाल बत्ती पर पाबंदी लगा दी है और यह आदेश सभी राज्यों में लागू होता है। इसीलिए पंजाब सरकार ने राज्य में लाल बत्ती पर पाबंदी के अपने आदेश को वापस ले लिया है और इस संबंध में गत जून माह में ही एक सर्कुलर जारी कर दिया गया था।
विभाग का कहना है कि लाल बत्ती संबंधी आदेश पंजाब सरकार ने रद्द जरूर कर दिए हैं लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि पंजाब सरकार ने लाल बत्ती लगाने की अनुमति दे दी है।
दरअसल यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि केंद्र सरकार ने वीआईपी कल्चर वाली इन लाल बत्तियों पर पाबंदी को अब केंद्रीय एक्ट में शामिल कर लिया है और इन्हें न लगाने का नियम अब पूरे देश में लागू हो गया है। इसको देखते हुए पंजाब सरकार के लिए नियम का कोई महत्व नहीं रह गया था, बल्कि प्रदेश में अब सीधे केंद्रीय नियम के तहत लाल बत्ती पर पाबंदी रहेगी।
नए नोटिफिकेशन के अनुसार, पंजाब सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन एक्ट 1989 के नियम 108 के प्रावधानों के तहत पंजाब के अफसरों के वाहनों पर लाल बत्ती की पाबंदी हटाने के आदेश जारी किए हैं। ये आदेश पंजाब के राज्यपाल की ओर से किए गए हैं कि अफसरों के वाहनों पर लाल बत्ती की पाबंदी को तुरंत हटा लिया जाए।
लाल बत्ती कल्चर बढ़ाना चाहती है सरकार
नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने पूछा है कि क्या सरकार लाल बत्ती कल्चर को बढ़ावा देना चाहती है। उन्होंने सरकार के एक पत्र पर सवाल उठाया।
चीमा ने कहा कि ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है। जिसके मुताबिक वाहनों पर लाल बत्ती को लेकर अब तक जारी सभी नोटिफिकेशन वापस ले लिए गए हैं।
सरकार ने मई 2017 में नोटिफिकेशन जारी कर वाहनों पर लाल बत्ती लगाने पर पाबंदी लगाई थी। जिस पर कांग्रेस के एक मंत्री समेत कई लोगों ने एतराज भी जताया था। अब लाल बत्ती को लेकर जारी गोल-मोल नोटिफिकेशन ने साबित कर दिया है कि अकाली-कांग्रेसियों का लाल बत्ती के साथ गहरा संबंध है। आज वीआईपी कल्चर की वजह से ही आम लोग परेशान हो रहे हैं।