पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार कांग्रेस के चुनाव मेनिफेस्टो में लिखे हर वादे को पूरा करने पर कायम है। इनमें एक अहम वादा किसानों को मुफ्त बिजली सप्लाई जारी रखने का भी है, लेकिन टांडा से पार्टी विधायक संगत सिंह गिल्जियां ने मुफ्त बिजली सप्लाई को सशर्त बनाने की मांग कर एक नई बहस छेड़ दी है।
बुधवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि वे विधानसभा के आगामी सत्र में राज्य के पर्यावरण संरक्षण के लिए एक विशेष प्रस्ताव ला रहे हैं, जिसके तहत सरकार के समक्ष यह मांग रखी जाएगी कि सूबे में जिन किसानों को मुफ्त बिजली सुविधा दी जा रही है, उनके लिए अपने खेतों में पांच पेड़ लगाना अनिवार्य कर दिया जाए।
आगामी विधानसभा सत्र के लिए अपना प्रस्ताव सौंपने पहुंचे संगत सिंह गिल्जियां ने कहा कि किसान अगर अपने-अपने खेतों में पांच-पांच पेड़ उगाएंगे तो इससे पर्यावरण को लाभ पहुंचेगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने प्रस्ताव में यह भी मांग की है कि पेड़ लगाने की शर्त को पूरा नहीं करने वाले किसानों से मुफ्त बिजली सुविधा वापस ले ली जाए।
उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में 14 लाख किसानों को राज्य सरकार द्वारा मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। इन सभी किसानों के लिए खेतों में पांच-पांच पेड़ उगाना अनिवार्य कर दिया जाए तो एक साथ 70 लाख पेड़ पंजाब में उग आएंगे। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी भवनों और कार्यालय परिसरों में भी पौधरोपण किया जाना चाहिए।