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मोहाली से संगरूर जाएगा मेडिकल कॉलेज, सेहत मंत्री ने बताई ये वजह

Tue, 13 Feb 2018 08:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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hospital - फोटो : Demo Pics
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पंजाब सरकार ने मोहाली में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को संगरूर शिफ्ट करने की तैयारी कर ली है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने समीक्षा बैठक के दौरान सेहतमंत्री ब्रह्म महिंद्रा से यह मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष उठाने को कहा है। साथ ही भविष्य के सभी सेहत प्रोजेक्ट उन इलाकों में लाने के निर्देश दिए हैं, जहां सुविधाएं नहीं हैं।
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सीएम ने कहा कि वह खुद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिल कर मेडिकल कॉलेज की जगह शिफ्ट करने का मुद्दा उठाएंगे। साथ ही एम्स बठिंडा, जिसके लिए सरकार ने सारी कवायद पूरी कर ली हैं, के काम में तेजी लाने को पीएम को लिखेंगे। 800 करोड़ की लागत वाला एम्स सौ फीसदी केंद्र प्रायोजित प्रोजेक्ट है।

जबकि, तीन सौ करोड़ की लागत वाले मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट में केंद्र की 70 और राज्य की 30 फीसदी हिस्सेदारी है। सीएम को बताया गया कि मेडिकल कॉलेज केलिए मोहाली का चयन 2012 में आई स्कीम में किया गया था। इसके लिए पहली शर्त दो सौ बेड का अस्पताल थी। जिसे अपग्रेड करने में केंद्र मदद कर सकता था। उस समय सिर्फ मोहाली में ही दो सौ बेड का अस्पताल था। उस स्कीम की शर्तें सिर्फमोहाली सिविल अस्पताल करता था।
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बाद में कई और जिलों में अस्पताल बने जो ये नियम पूरे करते हैं, उनका भी चयन किया जा सकता है। मीटिंग में यह भी चर्चा हुई कि मोहाली में सभी सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करने से विकास की एकसारता नहीं रहेगी। क्योंकि नजदीक चंडीगढ़ में पहले ही मेडिकल कॉलेज है।

सीएम ने सुझाव दिया कि कॉलेज को कम विकसित सीमांत जिले में तब्दील किया जाए। वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने हामी भरते हुए कहा कि संगरूर उचित रहेगा। एम्स बठिंडा पर सीएम को बताया गया कि जमीन के तबादले संबंधी सारे मुद्दे सुलझा लिए गए हैं। इसकी आधारशिपा पीएम ने 2016 में रखी थी। पंजाब ने जमीन मुहैया करा दी है, सड़क ढांचा उपलब्ध कराना है, बाकी सब केंद्र ने संभालना था।

केंद्र सरकार ने चारदिवारी का निर्माण शुरू कर दिया है, आर्किटेक्ट केलिए टेंडर निकाले गए हैं। सीएम ने सेहत विभाग को निर्देश दिए कि फिरोजपुर और संगरूर में पीजीआई सैटेलाइट सेंटर के सौ प्रतिशत केंद्रीय सहायता प्रोजेक्टों केनिर्माण का मुद्दा उठाया जाए।
 
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