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पंजाब में पीसीएमएस डॉक्टरों को बड़ी राहत, घटा ग्रामीण सेवा काल, कई और सहूलियतें मिली

Fri, 28 Jun 2019 12:46 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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पंजाब सरकार ने पीसीएमएस डॉक्टरों को पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में दाखिले के योग्यता मापदंडों में राहत दी है। सरकारी डॉक्टरों की यह लंबे समय से मांग थी। सेहतमंत्री बलबीर सिद्धू ने बताया कि पीजी कोर्स में दाखिला लेने वाले पीसीएमएस डॉक्टरों को पहले ग्रामीण इलाकों में चार साल का कठिन सेवाकाल पूरा करना पड़ता था। 

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अन्य ग्रामीण इलाकों में छह साल सेवा करने के बाद उन्हें पीजी में तीस प्रतिशत इंसेंटिव मार्क्स दिए जाते थे। साथ ही पीजी करने की आज्ञा दी जाती थी। अब ग्रामीण सेवाकाल को चार से घटा कर दो और छह से घटा कर तीन साल कर दिया गया है।

ग्रामीण इलाकों में 2/3 साल और 4.5 साल के सेवाकाल वाले डॉक्टरों को क्रमवार 20 और 30 प्रतिशत इंसेंटिव मार्क्स दिए जाएंगे। पीजी कोर्स के दौरान उन्हें पूरा वेतन भी दिया जाएगा। 
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सिद्धू ने बताया कि पहले पीजी कोर्स में मेरिट के आधार पर दाखिल होने वालों के लिए तीन साल ग्रामीण सेवा काल की शर्त थी। इसे भी घटा कर एक साल कर दिया गया है। डॉक्टरों को पीजी कोर्स के दौरान बनती छुट्टी भी दी जाएगी। पहले जो पीसीएमएस डॉक्टर अपना प्रोबेशन पीरियड पूरा करने में नाकाम रहते थे, उन्हें छुट्टी नहीं दी जाती थी।

 पीजी कोर्स के दौरान उनके सेवा काल को डाइस नॉन (समय नहीं गिना जाएगा) समझा जाता था। जिससे उनकी वरिष्ठता का नुकसान होता था। डॉक्टरों का मनोबल गिरता था। अब उनको बनती छुट्टी मिलेगी, वरिष्ठता भी बरकरार रहेगी। पीजीआई द्वारा स्पांसर किए जाने वाले उम्मीदवारों के लिए बांड 15 साल या 75 लाख से घटा कर दस साल या 50 लाख रुपये कर दिया गया है।  

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