पंजाब सरकार ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लागू करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए मान सरकार ने पांच अधिकारियों की एक वित्त प्रबंधन कमेटी गठित की है। यह कमेटी पंजाब कैबिनेट की उप समिति को अपने सुझाव और सिफारिशें सौंपेगी। कमेटी ओपीएस देने के लिए वित्त के स्रोत की संभावनाओं को तलाशेगी।
राज्य के मुख्य सचिव वीके जंजुआ इस कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए हैं। वहीं, राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, वित्त विभाग के प्रधान सचिव अजोय कुमार सिन्हा, मिशन डायरेक्टर एनएचएम अभिनव त्रिखा के अलावा वित्त निदेशक पीएसपीसीएल को इस कमेटी में सदस्य नियुक्त किया गया है। सीएम ने कहा है कि कमेटी जल्द ही यह रिपोर्ट सौपेंगी।
नवंबर में मान सरकार ने की थी घोषणा
नवंबर में पंजाब सरकार ने कैबिनेट की मीटिंग में ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल करने की घोषणा की थी। साल 2004 के बाद नियुक्त 1.75 कर्मियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार के पास एनपीएस के साथ मौजूदा रिजर्व फंड 16,746 करोड़ रुपये है।
पंजाब सरकार ने पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी से इस राशि को लौटाने की अपील करने की बात भी कही है। सरकार ने पेंशन कोष के लिए शुरूआत में योगदान राशि हर साल 1 हजार करोड़ रुपये रखने की बात कही थी, जो भविष्य में धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी।
सूत्रों बताते हैं कि राज्य सरकार ओपीएस की अदायगी के लिए पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण के पास जमा 17,000 करोड़ रुपये के कॉर्प्स फंड का प्रयोग कर सकती है। इस कोष में कर्मचारियों के वेतन का 10 प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा पेंशन के लिए बेसिक सैलरी का 14 प्रतिशत हिस्से का योगदान रहता है।