पंजाब सरकार डीजीपी की नियुक्ति में केंद्र सरकार के दखल को कम करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने 19 व 20 जून को बुलाए पंजाब विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के दौरान पंजाब पुलिस एक्ट-2007 में डीजीपी की नियुक्ति के संदर्भ में संशोधन करने का फैसला कर लिया है। राज्य सरकार की मंशा ऐसे संशोधन की है, जिसके तहत राज्य सरकार को डीजीपी नियुक्ति में यूपीएससी की मौजूदा प्रणाली से इतर विभिन्न विकल्प मिल सके।
हालांकि पंजाब पुलिस एक्ट- 2007 में क्या संशोधन किया जाएगा, इसे राज्य सरकार ने फिलहाल पूरी तरह गोपनीय रखा है। फिर भी माना जा रहा है कि राज्य सरकार स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए छह माह की समय सीमा संबंधी यूपीएससी के नियम में संशोधन करना चाहती है। वैसे, इस तरह का कदम उठाने से पहले राज्य सरकार ने प्रदेश के न्याय एवं विधि विभाग और गृह विभाग से विचार विमर्श कर लिया है।
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गौरतलब है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के तुरंत बाद वीके भावरा के स्थान पर गौरव यादव को कार्यकारी डीजीपी नियुक्त कर दिया गया था। उसके बाद से गौरव यादव ही इस पद पर आसीन हैं जबकि यूपीएससी के नियमानुसार डीजीपी के पद पर छह माह के भीतर नियमित नियुक्ति हो जानी चाहिए और इसके लिए राज्य सरकार द्वारा भेजे गए अफसरों के पैनल से नियमित डीजीपी का चयन किया जाता है।
पंजाब में डीजीपी पद के मामले में केंद्र सरकार की तरफ दो बार पत्र भेजकर राज्य सरकार से अफसरों का पैनल मांगा गया है लेकिन राज्य सरकार ने कार्यकारी डीजीपी के रूप में गौरव यादव के छह माह पूरे हो जाने के बाद भी नियमित डीजीपी के लिए अब तक कोई पैनल नहीं भेजा है। इसका एक अन्य कारण यह भी माना जा रहा है कि डीजीपी पद की दौड़ में जितने अधिकारी शामिल हैं, वह सभी गौरव यादव से सीनियर हैं। ऐसे में पैनल के आधार पर किसी अन्य अधिकारी का चयन होना तय है, जबकि गौरव यादव मुख्यमंत्री के पंसदीदा अधिकारी हैं।
पहले भी हो चुका एक्ट में संशोधन का प्रयास
पंजाब में डीजीपी की नियुक्ति में राज्य सरकार, खासतौर पर मुख्यमंत्री की नियुक्ति से अधिकारी की नियुक्ति के लिए पहले भी पंजाब पुलिस एक्ट में संशोधन का प्रयास किया जा चुका है। कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के समय डीजीपी की नियुक्ति पीएससी के जरिए करने का नियम बनाया गया था। राज्य सरकार का कहना था कि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है और डीजीपी पद पर नियुक्ति भी राज्य सरकार की इच्छा के अनुसार होनी चाहिए।