आप के विधायकों ने निकाला शांति मार्च
आम आदमी पार्टी के मंत्रियों और विधायकों ने गुरुवार को विशेष विधानसभा सत्र को रद्द करने के विरोध में विधानसभा से शांति मार्च निकाला। आप विधायकों ने कांग्रेस पर भाजपा की बी-टीम होने और भाजपा के साथ काम करने का आरोप लगाया। विधायकों ने कहा कि कांग्रेस नेता सीबीआई और ईडी के छापे की धमकियों से घबराकर अपने पद को बचाने के लिए भाजपा की बोली बोल रहे हैं।
आप विधायकों ने राजभवन की ओर शांति मार्च निकाला लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। आप विधायकों को रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। विधानसभा चौक के पास ही पुलिस ने विधायकों को बैरिकेडिंग कर राजभवन तक जाने से रोक दिया। तब विधायकों ने सड़क पर ही धरना दिया और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। काफी देर तक सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने के बाद विधायक लौट गए। उन्होंने कहा कि वे शांति से राज्यपाल को अपनी बात कहने आए थे लेकिन पुलिस ने उन्हें इस तरह रोककर उचित व्यवहार नहीं किया।
आप नेता बोले- भाजपा का चेहरा हुआ बेनकाब
भ्रष्टाचार के एक मामले में मंत्री पद से हटाए गए आप के पूर्व मंत्री विजय सिंगला भी मार्च में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के सिपाही हैं और हर मौके पर वह पार्टी के साथ खड़े होंगे। विधायक देव मान ने कहा कि ऐसी कोई ताकत नहीं है, जो आप विधायकों को खरीद सके लेकिन इस तरह भाजपा का चेहरा सामने आ गया है। विधायक राजेश दहिया ने कहा कि जनता ने पार्टी को बड़ा जनादेश दिया है, जिससे भाजपा और अन्य पार्टियां चिंतित हैं। इसीलिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं लेकिन हम एक हैं।
सरबजीत कौर माणुके ने कहा कि भाजपा दबाव में आ गई है। आप एक ईमानदार पार्टी है, जो लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ काम कर रही है। लोगों के विश्वास पर खरा उतर रही है। इससे भाजपा और अन्य दल परेशान हैं। विधायक अमनदीप कौर ने कहा कि यह पहली सरकार है जो लोगों के लिए लगातार और तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जो अपने कार्यकाल के अंतिम छह महीनों में काम करती थी, भगवंत मान सरकार द्वारा वह कार्य पहले छह महीनों में कर दिए गए हैं, जिससे विपक्षी पार्टियां चिंतित हैं। बीबी बलजिंदर कौर ने कहा कि भाजपा को आप विधायकों को तोड़ने का सपना देखना छोड़ देना चाहिए।