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किसानों की कर्ज माफी के लिए कमेटी का गठन, 60 दिन में देगी रिपोर्ट

Sun, 16 Apr 2017 09:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
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किसानों को लेकर जो वादा कैप्टन ने चुनावों से पहले किया, अब उन पर कदम उठाने शुरु हो गए हैं। कर्ज माफी को लेकर कैप्टन सरकार ने पहला कदम उठा दिया है।
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पंजाब के किसानों के कर्ज माफी के लिए शनिवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने विशेषज्ञों की कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी किसानों के कृषि कर्ज की कुल राशि का अनुमान लगाने के साथ-साथ कृषि कर्ज के निपटारे के लिए सरकार को सुझाव देगी।

 अमर उजाला ने शनिवार को कर्ज के बोझ तले दबे पंजाब के किसानों का हाल बयान करता ‘कर्ज माफी की आस’ शीर्षक से एक विशेष परिशिष्ट शनिवार के अंक में प्रकाशित किया था।मुख्यमंत्री की ओर से शनिवार शाम लिए गए फैसले में विशेषज्ञ कमेटी का जिम्मा कृषि लागत और कीमत कमीशन के पूर्व चेयरमैन डॉ. टी. हक को सौंपा गया है। यह कमेटी 60 दिन में अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी। 
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विशेषज्ञों की इस कमेटी में दो अन्य सदस्य डॉ. प्रमोद कुमार जोशी डायरेक्टर साउथ एशिया इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट साउथ एशिया क्षेत्रीय कार्यालय और डॉ. बीएस ढिल्लों, वाइस चांसलर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना को शामिल किया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास) की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इस कमेटी को अतिरिक्त मुख्य सचिव-कम-वित्त कमीशन (विकास) और प्रमुख सचिव (वित्त) सहित राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा सहयोग किया जाएगा।
 
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कर्ज माफ करने संबंधी सुझाव भी देगी कमेटी

कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : File Photo
कमेटी के कनवीनर पंजाब कृषि विभाग के निदेशक और आयुक्त डॉ. बलविंदर सिंह सिद्धू होंगे। वह कमेटी की बैठकें बुलाएंगे, इसमें बैंकिंग क्षेत्र, चीफ जनरल मैनेजर नाबार्ड और कनवीनर स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी पंजाब को भी शामिल किया जाएगा। यह कमेटी किसानों की विभिन्न श्रेणियों पर संस्थागत और गैर संस्थागत संस्थाओं के कर्ज का मूल्यांकन करने के अलावा डिफॉल्ट हुए कर्ज का भी अनुमान लगाएगी और कर्ज निपटारे संबंधी सुझाव सरकार को देगी। 

यह कमेटी कर्जे के निपटारे के लिए आवश्यक आर्थिक स्रोतों संबंधी सुझाव भी सरकार को देगी। विशेषज्ञों की कमेटी अपनी जरूरत के अनुसार अन्य सदस्य भी मनोनीत कर सकेगी ताकि सरकार द्वारा दिए लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सके और किसानों के कल्याण के लिए योग्य योजना बनाई जा सके। इस कमेटी को पंजाब मंडी बोर्ड सचिवालय सहयोग देने के अतिरिक्त गैर सरकारी सदस्यों के भत्ते की भरपाई भी करेगा।
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