कनाडा के विनिपेग में बुधवार को पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर सुखदूल सिंह उर्फ सुक्खा दुनेके को गोलियों से भून दिया गया। दो गैंग की लड़ाई में दुनेके की गोली मारकर हत्या की गई। वहीं हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। दुनेके एक शार्प शूटर था और खालिस्तानी मुहिम का समर्थक था।
डीसी दफ्तर में करता था काम
सुक्खा दुनेके का असली नाम सुखदूल सिंह हैं। अपराध की दुनिया में आने से पहले वह मोगा के डीसी दफ्तर में काम करता था। बताया जाता है कि गांव में एक लड़ाई झगड़े के मामले में उस पर केस दर्ज हुआ था। इसके बाद 2017 में वह फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेजों के सहारे कनाडा भाग गया। तब से वह वहीं रहता था।
पिता की आतंकियों ने की थी हत्या
दुनेके के पिता नायब सिंह बिजली विभाग में ड्राइवर थे। 1988 में उनकी आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसकी मां, बड़ा भाई सुखचैन सिंह और दो बहनें भी कनाडा में रहते हैं। मोगा में उसके ताया और ताई ही रहते हैं।
अर्श डल्ला का दाहिना हाथ था सुक्खा
कनाडा भागने के बाद सुक्खा दुनेके का नाम अपराध की दुनिया में तेजी से उभरा। उसने वहीं से बैठकर वसूली, रंगदारी मांगना शुरू किया। उसे खालिस्तानी मुहिम का समर्थक माना जाता है और वह खालिस्तानी आतंकी गैंगस्टर अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला का दाहिना हाथ था। दुनेके को बंबीहा गैंग में माना जाता था। उसका नाम कबड्डी खिलाड़ी संदीप नंगल अंबिया की हत्या में भी आया था।
मोगा एसएसपी जे. एलनचेलियन ने कहा कि सुक्खा मोगा जिला का रहने वाला था लेकिन काफी समय से कनाडा में रहता था, परिवार के लोग और उसकी माता-बहन भी कनाडा में ही रहती हैं। इसके खिलाफ 15-16 मामले हैं। यह हत्या, जबरदस्ती वसूली सहित अपराध के कई मामलों में शामिल है। यहां उसके एक ताया और बेटी हैं जिनसे हमारा संपर्क हुआ है। इनके पास उसकी बहन का फोन आया था।