पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में कहा कि हम 16वें वित्त आयोग के समक्ष फंड के डेवोल्यूशन पर बातचीत करेंगे।
चीमा ने कहा कि दूसरे राज्यों के मुकाबले पंजाब की परिस्थितियां हर मायने में अलग है। पंजाब की तुलना दिल्ली, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश से नहीं की जा सकती, क्योंकि पंजाब एक सरहदी इलाका होने के साथ पूरी तरह कृषि प्रधान प्रदेश है। प्रदेश का एक बड़ा वर्ग खेतीबाड़ी पर निर्भर है। लंबे अरसे पहले से ही यहां से कई बड़े उद्योग प्लायन कर चुके हैं। इसको लेकर वित्त विभाग ने प्रेजेंटेशन तैयार कर ली है।
उन्होंने कहा कि कई ऐसे आय के क्षेत्र हैं, जोकि नए टैक्स प्रणाली के कारण केंद्र के पास चले गए हैं, हम उन्हें दोबारा पंजाब सरकार को दिए जाने का प्रस्ताव रखेंगे और आय के स्त्रोतों को मजबूत करने का प्रयास करेंगे।
वित्तमंत्री चीमा ने कहा कि प्रदेश में उद्योग, खेतीबाड़ी के विविधीकरण और बॉर्डर एरिया में खास फोकस रखते हुए इस बार 16वें वित्त आयोग से स्पेशल ग्रांट की मांग की जाएगी। फंड के डेवोल्यूशन यानी देश भर से कितना कर एकत्र किया और इस कर को किस प्रकार विशेष ग्रांट के रूप में राज्यों के साथ उनके विकास कार्यों को मजबूत करने के लिए साझा किया जाएगाए इस पर बैठक में चर्चा होगी। मंत्री चीमा ने बताया कि फंड के डेवोल्यूशन को लेकर सरकार ने पूरा खाका तैयार किया है, इसके अलावा टैक्स के कुछ पुराने सोर्स जोकि पंजाब के लिए कभी आय का एक बड़ा स्रोत थे, उनकी पावर या टैक्स स्ट्रक्चर को दोबारा पंजाब को लौटाए जाने की मांग रखी जाएगी, ताकि पंजाब की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सके।
नए प्रॉपर्टी टैक्स कर सरकार कर रही विचार
पंजाब सरकार प्रॉपर्टी के क्षेत्र में नए टैक्स को लेकर विचार कर रही है। जिन लोगों के पास बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी है, उन पर टैक्स का दायर बढ़ाया जा सकता है। इस नए टैक्स स्ट्रक्चर का आम जनता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। चीमा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि जो लोग पंजाब पर कर्ज के बोझ की बात करते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि यह पुरानी सरकारों की देन है। पंजाब की मौजूदा सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में करीब 16 हजार करोड़ रुपये का ऋण उतारा है। मंत्री चीमा ने कहा कि देश में ऐसा कोई राज्य नहीं है, जिस पर ऋण न हो, उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पर करीब 8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, लेकिन पंजाब की छवि को धूमिल किया जाने का प्रयास किया जाता है। पंजाब पर यूपी के आधे से भी कम का ऋण है, लेकिन बजट और फंड देने में प्रदेश के साथ अनदेखी की जाती है।
अमृतसर में जुटेंगे फाइनेंशियल एक्सपर्ट
वित्त मंत्री ने बताया कि 16वें वित्त आयोग की टीम 21 जुलाई की शाम पंजाब में होगी। 22 जुलाई को उनकी मौजूदगी में चंडीगढ़ में आयोग के अध्यक्ष की अध्यक्षता में बैठक होगी। 22 जुलाई को अमृतसर में केंद्र और पंजाब के बड़े फाइनेंशियल एक्सपर्ट आयोग के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे। 23 जुलाई को विपक्षी दल कांग्रेस, शिअद और भाजपा के नेता अपने स्तर पर आयोग के समक्ष मेमोरेंडम पेश करेंगे।