पंजाब और हरियाणा के बीच सतलुज-यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) को लेकर मामला गरमा गया है। दोनों ही प्रदेशों की सरकारें आमने-सामने हैं। हरियाणा सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल करने की तैयारी में है। अब पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि पंजाब के पानी पर पंजाब का हक है। एक भी बूंद किसी सूबे में नहीं जाने दी जाएगी, चाहे जो भी कुर्बानी देनी पड़े। अपनी जान कुर्बान कर देंगे लेकिन एक भी बूंद पानी नहीं जाने देंगे। मैं हैरान हूं कि जो लोग सवाल पूछ रहे हैं, यह पूरा मुद्दा उनकी सरकारों में खड़ हुआ। उनकी सरकारों में मुद्दे पैदा किए गए और आज ये लोग सियासत कर रहे हैं। पंजाब सरकार यह लड़ाई लड़ेगी और एक बूंद भी पानी नहीं जाने देगी।
पंजाब के खिलाफ हरियाणा दायर करेगा अवमानना याचिका
सतलुज-यमुना लिंक नहर निर्माण के लिए हरियाणा सरकार पंजाब के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल करेगी। दिल्ली में सूबे के विधि अधिकारी याचिका का मसौदा तैयार कर रहे हैं। महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अवमानना याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया है। जल्द ही मसौदा तैयार कर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
हक के लिए हर लड़ाई लड़ेंगे: अनिल विज
गृह मंत्री अनिल विज ने कहा है हम अपने हक के लिए हर लड़ाई लड़ेंगे। सुप्रीम कोर्ट जाना हमारा अधिकार है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनते ही चंडीगढ़ मांगा। समझ होनी चाहिए कि चंडीगढ़ का मुद्दा एसवाईएल से जुड़ा है। पंजाब अगर चंडीगढ़ लेना चाहता है तो एसवाईएल बनाना शुरू कर दे। 108 हिंदी भाषी क्षेत्र हरियाणा को सौंपे।
हरियाणा को एक बूंद भी पानी नहीं देंगे: बिजली मंत्री
एसवाईएल के मुद्दे पर पंजाब के बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने कहा- हमारा स्पष्ट स्टैंड है कि पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं है। हम किसी भी हालत में हरियाणा को पानी की एक बूंद भी नहीं देंगे।