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पंजाब : मौसम ने बढ़ाई किसानों की चिंता, मंडियों में लगे गेहूं के ढेर, बरदाना के अभाव में खरीद भी धीमी

Fri, 16 Apr 2021 08:26 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर/बठिंडा/खन्ना (पंजाब)

सार

भारतीय किसान यूनियन के नेता मलकीत सिंह, भारतीय किसान यूनियन (कादिया) के नेता हरविंदर सिंह व भारतीय किसान यूनियन (मानसा) के नेता मलकीत सिंह ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से खरीद मंडियों में गेहूं पहुंच रही है लेकिन न तो गेहूं खरीदी जा रही है और न ही बारदाना मिल रहा है। जिस कारण किसान अपने घर से बेघर होकर मंडियों में दिन-रात अपने गेहूं की रखवाली कर रहे हैं।
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लुधियाना मंडी पहुंचा गेहूं। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बारदाना न मिलने के कारण मंडियों में गेहूं के ढेर लगे हैं। मौसम भी खराब होने लगा, जिसे देख किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। फिरोजपुर में बारदाना न मिलने पर शुक्रवार किसानों ने फिरोजपुर-मुक्तसर रोड पर स्थित गंग नहर के पुल पर रोष प्रदर्शन कर यातायात ठप कर दिया। किसानों का कहना है कि बारदाना न होने से उन्हें बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है। गेहूं की देखरेख के लिए पिछले चार दिनों से मंडियों में बैठे हैं। उधर, डिप्टी कमिश्नर गुरपाल सिंह चाहल ने कहा कि किसानों को बारदाने की कमी नहीं आने दी जाएगी।

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भारतीय किसान यूनियन के नेता मलकीत सिंह, भारतीय किसान यूनियन (कादिया) के नेता हरविंदर सिंह व भारतीय किसान यूनियन (मानसा) के नेता मलकीत सिंह ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से खरीद मंडियों में गेहूं पहुंच रही है लेकिन न तो गेहूं खरीदी जा रही है और न ही बारदाना मिल रहा है। जिस कारण किसान अपने घर से बेघर होकर मंडियों में दिन-रात अपने गेहूं की रखवाली कर रहे हैं। बारदाने की समस्या के संबंध में अधिकारियों को कई बार कहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए किसानों ने शुक्रवार को फिरोजपुर-मुक्तसर रोड स्थित गांव झोक हरिहर से गुजरने वाली फीडा ड्रेन के पुल पर धरना लगाकर यातायात ठप किया।

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उधर, डीसी गुरपाल सिंह चाहल ने कहा कि उन्हें खरीद मंडियों में बारदाना नहीं मिलने की सूचना मिल रही है। इस समस्या का हल कर दिया है। मंडियों में बारदाना पहुंच चुका है। जिस मंडी में जितने बारदाने की जरूरत है, वहां उतना पहुंचाया जा रहा है। गेहूं की खरीद संबंधी कोई समस्या आती है तो किसान संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर सकते हैं। किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। मंडियों में पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं।

खन्ना में उठान न होने से बिगड़े हालात

एशिया की सबसे बड़ी मंडी खन्ना में अनाज की उठान न होने से हालात बिगड़ गए हैं। मंडी में फसल को रखने तक की जगह नहीं बची है। मंडी के आढ़तियों का कहना है कि सरकार को जल्द मंडी से उठान करवाना चाहिए, क्योंकि मौसम का पता नहीं कब करवट ले ली। अगर मौसम ने करवट ली तो भारी नुकसान होगा। 

उनका कहना है कि जब तक फसल नहीं उठाई जाएगी, तब तक दूसरी फसलें कैसे आएंगी। फसल के उठान की जिम्मेदारी हमारी होती है, इसलिए हम सरकार से अनुरोध करते हैं फसल का जल्द उठान करवाया जाए। खन्ना मंडी में बैठे किसान प्रभजोत सिंह गांव लिबड़ा व चरणजीत सिंह गांव मेहंदीपुर ने बताया कि सरकार को मंडी से फसल का उठान जल्द करवाना चाहिए। मौसम खराब हुआ तो सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा।

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बठिंडा : धूल भरी आंधी के बाद बारिश शुरू 
उधर, बठिंडा में शुक्रवार दोपहर को धूल भरी आंधी के बाद बारिश शुरू हो गई। इसके बाद किसानों के चेहरों पर चिंता बढ़ गई। अनाज मंडी में किसानों ने फसल को तिरपाल से ढककर बारिश से बचाया। वहीं मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अधिकारी सुरिंदर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर के समय अचानक मौसम बदलने के कारण न्यूनतम तापमान 19.0 और अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री दर्ज किया गया। किसान भोला सिंह का कहना है कि वे मंडी में गेहूं की फसल बेचने पहुंचे हैं लेकिन बारिश के कारण अब उनकी मुश्किल बढ़ गई है। अगर वह अपने साथ तिरपाल न लेकर आते तो शायद उनकी गेहूं की फसल बारिश के पानी में भीग जाती।
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अबोहर : बरसात से भीगा गेहूं, किसानों की बढ़ी चिंता

अबोहर मंडी में जमा पानी निकलते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुक्रवार दोपहर को अचानक अबोहर में हुई हल्की बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस बारिश से मंडी में लगा गेहूं भीग गया और उधर गेहूं की कटाई भी लेट हो गई। शुक्रवार बाद दोपहर हुई हल्की बरसात ने किसानों को गहरी चिंता में डाल दिया, क्योंकि खेतों में कटने को तैयार गेहूं की फसल बारिश से गीली हो गई, जिससे इसकी कटाई और लेट हो गई। 

वहीं मंडियों में गेहूं लेकर बैठे किसानों को भी बारिश ने नुकसान पहुंचाया। किसानों ने मुश्किल से मंडी में भरा पानी निकाला। उनका कहना है कि मंडियों में गेहूं खरीद एजेंसियां तो पहले ही किसानों की गेहूं में नमी अधिक होने की बात कहकर गेहूं खरीदने में आनाकानी करती हैं, वहीं बारिश में गेहूं भीगने से उन्हें और अधिक परेशानी झेलनी पड़ेगी। 

राजपुरा में पटियाला रोड पांच घंटे रखा जाम
राजपुरा की अनाज मंडी में बारदाना न मिलने से परेशान किसानों ने पटियाला रोड जाम कर जाम लगा दिया। किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए बेवजह परेशान करने के आरोप लगाया। भारतीय किसान यूनियन नेता गुरबाज सिंह पिलखनी, हरप्रीत सिंह मदनपुर, चरनप्रीत सिंह, भूपिंद्र सिंह, अमरजीत सिंह, मोहन सिंह, हरबंस सिंह, जसप्रीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, करनैल सिंह, उजागर सिंह, निरमैल सिंह मोही, हरजीत सिंह ने बताया कि पंजाब की अनाज मंडियों में सरकार की तरफ से बढ़िया खरीद प्रबंधों के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। 


                                               राजपुरा में किसानों ने लगाया जाम।

पहले ही खरीद में 10 दिन देरी की और इसके बाद कोरोना का डर दिखाकर मंडियों में पास प्रणाली लागू कर परेशान किया जा रहा है। इतना ही पैकिंग के लिए बारदाना नहीं मिल रहा है। पानी भी नहीं मिल रहा है। छह दिन वह फसल लेकर धूप में बैठे हैं। शुक्रवार को 12 से 5 बजे तक लगातार पांच घंटे तक लगे जाम को एसडीएम खुशदिल सिंह व डीएसपी गुरविंद्र सिंह ने आश्वासन के बाद समाप्त करवाया। एसडीएम खुशदिल सिंह व डीएसपी गुरविंद्र सिंह ने बताया कि किसानों को बारदाने की कमी के लिए समझाया गया है। बारदाने की कमी दूर करने व फसलों की खरीद में तेजी लाई जाएगी। 
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