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पंजाबः धरने पर बैठे किसान की मौत, एक और बीमार, ये रही प्रदर्शन की वजह

Sun, 24 Sep 2017 02:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला(पंजाब)
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धरने पर बैठे पंजाब के किसान
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पंजाब में धरने पर बैठे किसान की मौत का मामला सामने आया है। वहीं एक और किसान बीमार बताया जा रहा है। किसान कुछ मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पटियाला के गांव महिमदपुर की दाना मंडी में शनिवार को धरने के दौरान एक किसान के बेहोश हो जाने के बाद अस्पताल में मौत हो गई। मृतक किसान मुख्तियार सिंह (60) मानसा के रहने वाले थे। किसान की मौत का कारण धरने में प्राथमिक चिकित्सा सहायता की कमी होना बताया जा रहा है।
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शनिवार को दूसरे दिन लगातार बारिश के बावजूद किसानों ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। किसानों ने बारिश में ही लंगर बनाया और खुद इंतजाम करके अपनी रसोई चलाई। पहले किसानों ने यह धरना सीएम के आवास मोती महल के बाहर देना था, लेकिन बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर किसानों को महिमदपुर की मंडी में धरना लगाना पड़ा। भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के नेता अवतार सिंह कौरजीवाला ने बताया कि शुक्रवार रात से ही मानसा के किसान मुख्तियार सिंह की तबीयत खराब थी।

सुबह होने तक वह अर्द्धबेहोशी की हालत में चले गए। उन्हें तुरंत राजिंदरा अस्पताल ले जाया गया। जहां से डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। वहां मुख्तियार सिंह की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि एक और किसान की भी तबीयत खराब है, लेकिन फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। उसका इलाज चल रहा है। किसान नेताओं ने अपने साथी मुख्तियार सिंह की मौत के लिए सरकार व जिला प्रशासन को सीधे तौर पर जिम्मेदार बताया है।
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किसान नेताओं का कहना है कि जब हाईकोर्ट ने धरना लगाने की इजाजत दे दी थी और साथ ही प्रशासन को आदेश दिए थे कि धरने में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो प्रशासन ने प्राथमिक चिकित्सा सहायता क्यों नहीं दी। उन्होंने बताया कि महिमदपुर की मंडी में शेड नहीं है, जिस कारण बारिश में धरना लगाना पड़ रहा है। किसान की मौत से धरने को बड़ा झटका लगा है। बावजूद इसके किसान अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ डटे रहे और दूसरे दिन भी धरना दिया।
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यह हैं किसानों की मांगें
- किसानों का हर तरह का कर्ज माफ किया जाए
- स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशें लागू की जाएं
- हर परिवार में एक मेंबर को योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए
- किसानों की जमीन कुर्की करने का अधिकार देने वाली हर तरह की धाराएं रद्द की जाएं
- साहूकारों द्वारा कर्जा देते समय खाली चेक और परनोट आदि लेने बंद किए जाएं
- धान की पराली के निपटारे के लिए किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए
- लावारिस पशुओं का पक्का प्रबंध किया जाए
- आबादकार किसानों को जमीनों की मालिकी के हक दिए जाएं

 
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