अपहरण कांड विरोधी एक्शन कमेटी ने राज्य सरकार पर शहर से अगवा बच्चों के मामले में चल रहे आंदोलन को दबाने के लिए पीड़ित परिवारों व एक्शन कमेटी के सदस्यों को परेशान करने का आरोप लगाया है।
इसके तहत ही 6 माह से अपह्त नवयुवक मनोज कपूर की बहन नीतू कपूर को सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज ने पार्ट टाइम लेक्चरर की नौकरी से निकाल दिया है।
एक्शन कमेटी के कनवीनर कुलदीप शर्मा, राजिंदर सिंह, बूटा सिंह, लाल सिंह गोलेवाला, गुरदित्त सिंह सेखों, अमन वडिंग, सुरज भान ने कहा कि नीतू कपूर पिछले दो वर्षों से मोगा जिले में जीटीबी गढ़ स्थित सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज में पार्टटाइम लेक्चरर की नौकरी कर रही थी।
इस वर्ष कॉलेज ने पहले तो उसे जानबूझ कर ज्वाइंन नहीं करवाया। बाद में कानूनी रास्ता अपनाने पर ज्वाइंन करवाने के कुछ दिन बाद ही जवाब दे दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की हिदायतों के अनुसार किसी भी पार्टटाइम लेक्चरर को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता।
‘धरना उठाने के लिए परिवार को कर रहे परेशान’
उनका आरोप है कि मनोज कपूर समेत अन्य बच्चों के मामलों को लेकर पिछले कई महीनों से थाना कोतवाली के आगे बेमियादी रोष धरना चल रहा है। इसी धरने को उठवाने की साजिश के तहत ही सरकार पीड़ित परिवारों को तंग कर रही है। इससे पहले सरकार ने एक्शन कमेटी के सदस्यों पर झूठे मामले भी दर्ज किए थे और अब नीतू कपूर को नौकरी से निकाला गया है।
कंप्यूटर सेंटर भी बंद करवाने का आरोप
इस मौके पर नीतू कपूर ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन भी साजिश के तहत उनके परिवार के कंप्यूटर सेंटर को भी बंद करवाने में लगा है। इन दिनों उनके संस्थान में छात्रों की संख्या 150 से घटकर मात्र 30 रह गई है। उसने अपने भाई के मामले की सीबीआई से जांच करवाने के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। इस पर अगली सुनवाई 25 नवंबर को होनी है। इस मौके पर एक्शन कमेटी ने 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस पर फरीदकोट में विशाल रोष रैली करने का एलान भी किया है।