कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी ने एक पत्र जारी कर बरनाला के पूर्व कांग्रेस विधायक व पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों को पार्टी विरोधी गतिविधियां के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया है। बता दें कि कांग्रेस सरकार में केवल ढिल्लों ने 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह बात कर बरनाला को जिला बनवाया था। उसके बाद केवल ढिल्लों लगातार दो बार विधायक बने लेकिन पिछला विधानसभा व लोकसभा चुनाव हार गए थे।
ढिल्लों को कैप्टन अमरिंदर सिंह का करीबी कहा जाता है। मगर जब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस को अलविदा कहा तब भी उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी थी। केवल ढिल्लों के पक्ष में मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी, पार्टी प्रधान नवजोत सिद्धू विशाल चुनाव जलसे कर चुके थे। यहां तक कहा था कि आप इनको चुनाव जिताओ और हम केवल ढिल्लों को मंत्री बनाएंगे लेकिन कांग्रेस ने पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल के बेटे मुनीष बंसल को चुनाव मैदान में उतार दिया। इससे केवल ढिल्लों नाराज थे। टिकट कटने के बाद भी वह गांव-गांव जाकर लोगों से मुलाकात कर रहे थे।
पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल व उनके बेटे मुनीष बंसल ने पार्टी हाईकमान को अवगत करवाया कि केवल ढिल्लों गांवों में जाकर पार्टी विरोधी गतिविधियां कर रहे हैं। कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने इसका कड़ा संज्ञान लिया और केवल ढिल्लों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। जब केवल ढिल्लों से संपर्क करना चाहा तो उनके बेटे चेयरमैन जिला प्लानिंग बोर्ड बरनाला ने फोन उठाया। उन्होंने कहा कि उनके पिता केवल ढिल्लों किसी मीटिंग में व्यस्त हैं और अभी तक पार्टी ने कोई सूचना नहीं दी है। हरीश चौधरी ने कहा कि केवल ढिल्लों की ग्राउंड रिपोर्ट ठीक न आने के कारण इस बार उनका टिकट काटकर मुनीष बंसल को दिया गया है और वह पार्टी के उम्मीदवार की मदद करने के बजाय पार्टी विरोधी गतिविधियां में संलिप्त हैं। यही वजह है कि उनको पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।