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पंजाब चुनाव : आप के 32 प्रत्याशी अपराधी, कोई हत्या का आरोपी तो किसी पर चल रहा ठगी का केस

Sun, 23 Jan 2022 03:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़

सार

आम आदमी पार्टी ने प्रत्याशियों का सार्वजनिक किया आपराधिक इतिहास। भारतीय चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर सूची सार्वजनिक करने के दिए हैं निर्देश।
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आम आदमी पार्टी(फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब चुनाव 2022 में चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर अपने उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक कर दी है। इसमें कई के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। आप ने पंजाब की कुल 117 सीटों पर सभी उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। सूची में 32 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। 

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इनमें अजनाला से आप प्रत्याशी कुलदीप सिंह धालीवाल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज है। सुल्तानपुर लोधी से प्रत्याशी सज्जन सिंह चीमा के खिलाफ कथित तौर पर जानलेवा हमला करने का केस दर्ज है। आप के जसवीर सिंह गिल को मैदान से उतारा है, उनके खिलाफ धारा 420 के दो मामले दर्ज हैं।

ड़ से सुखवीर सिंह के खिलाफ धारा 420 के तहत 3 मामले दर्ज हैं। पटियाला ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी डॉ. बलबीर सिंह, दीनानगर से शमशेर सिंह पर भी धोखाधड़ी का 1-1 मामला, तलवंडी साबो से बलजिंदर कौर, सुनाम से अमन अरोड़ा, महला कलां से कुलवंत सिंह पंडोरी, बठिंडा ग्रामीण से अमित, साहनेवाल हरदीप सिंह पर धोखाधड़ी का मामला है।
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कादियान से जगरूप सिंह सेखवां, श्री हरगोबिंदपुर से अमरपाल सिंह, मजीठिया से सुखजिंदर लाली, अमृतसर पूर्व से जीवनजोत कौर, बाबा बकाला से दलबीर सिंह, नकोदर से इंद्रजीत कौर, दसूहा से करमबीर सिंह घुम्मन, चाबेवाल से हरमिंदर, पायल से मनविंदर सिंह पर मारपीट व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है। 

इनके खिलाफ भी हैं आपराधिक मामले
आम आदमी पार्टी के नेताओं और अन्य पार्टियों के उम्मीदवारों के खिलाफ भी कई मामले दर्ज हैं। इनमें ड्रग मामले में शिरोमणि अकाली दल के विधायक और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया जमानत पर बाहर हैं। कांग्रेस उम्मीदवार सुखपाल खैरा पर भी मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया गया है। अभी वह पटियाला जेल में हैं और वहीं से चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि उनकी जमानत को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। 

48 घंटे में देनी होगी सूचना
राजनीति में बढ़ते अपराधीकरण पर लगाम लगाने के लिए भारतीय चुनाव आयोग ने इस बार बड़ी मुहिम चलाई है। सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले में निर्देश दिए हैं। नए निर्देशों के तहत सभी दलों को अब उम्मीदवारों के चयन के 48 घंटे के भीतर सभी का आपराधिक इतिहास सार्वजनिक करना होगा। चुनाव आयोग इसे लेकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान भी चला रहा है।

अन्य दलों ने अभी नहीं दी जानकारी
आपराधिक प्रत्याशियों की सूची को सार्वजनिक करने में आम आदमी पार्टी अव्वल रही है। अन्य किसी राजनीतिक दल ने अभी ऐसी कोई सूचना सार्वजनिक नहीं की है। चुनाव आयोग के अनुसार अन्य दलों की ओर से सभी प्रत्याशियों की सूची जारी किए जाने के बाद इस मामले की सूचना मांगी जाएगी।

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