पंजाब विधानसभा चुनाव परिणाम 2022
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फरीदकोट जिले ने 30 साल बाद इतिहास को दोहराया है। तीनों विधानसभा सीटें, उसी पार्टी की झोली में डाली है जिसकी सरकार बनने जा रही है। तीनों सीटों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार भारी बहुमत से जीते। इससे पहले साल 1992 के विधानसभा चुनाव में जिले की तीनों सीटें कांग्रेस की झोली में गई थीं और उस समय बेअंत सिंह की अगुवाई में कांग्रेस सरकार का गठन हुआ था।
फरीदकोट जिला साल 2014 के लोकसभा चुनाव के समय ही आम आदमी पार्टी का गढ़ बन गया था। इससे पहले यहां पर कभी अकाली दल व कभी कांग्रेस अपना परचम लहराती रही। 2014 के लोकसभा चुनाव में फरीदकोट संसदीय क्षेत्र के अधीन तीनों सीटों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार प्रो. साधु सिंह को बहुमत मिला था जिसका असर साल 2017 के चुनाव में भी देखने को मिला और तीन में से दो सीट कोटकपूरा व जैतो पर आप की जीत हुई थी। फरीदकोट सीट पर आप दूसरे स्थान पर रही थी।
साल 1992 के चुनाव के समय अकाली दल ने चुनावों का बायकाट किया था, जिसके कारण तीनों सीटें कांग्रेस के खाते में गई थीं, जिनमें से फरीदकोट सीट से अवतार सिंह बराड़, कोटकपूरा से उपेंद्र शर्मा व पंजगराईं कलां ( अब जैतो) से गुरचरण सिंह जीते थे और राज्य में कांग्रेस सरकार बनी थी।
फरीदकोट से लगातार दूसरी बार मैदान में कूदे गुरदित्त सिंह सेखों पहली बार विधायक बने हैं, जबकि जैतो से अमोलक सिंह पहली बार चुनाव लड़ते हुए सफलता अर्जित की है। कोटकपूरा से कुलतार सिंह संधवां लगातार दूसरी बार विधायक बने है और पार्टी के किसान विंग के प्रदेशाध्यक्ष के साथ साथ राज्य प्रवक्ता भी हैं।