चुनाव परिणाम आने से पहले ही पंजाब कांग्रेस में विवाद और खींचतान शुरू हो गयी है। कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को सांसद गुरजीत औजला ने घेर लिया है, वहीं टीम सिद्धू ने भी कांग्रेस के कई नेताओं पर हमला शुरू कर दिया है। अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने नवजोत सिद्धू पर निशाना साधा था और अमृतसर पूर्वी सीट से उनकी जीत पर संशय जताया था।
नवजोत सिंह सिद्धू के मीडिया सलाहकार सुरिंदर डल्ला ने तो यहां तक आरोप लगा दिया है कि राज्य के मंत्री और कांग्रेस के सांसदों ने सिद्धू को विधानसभा चुनाव में हराने के लिए काम किया है। डल्ला का कहना है कि सबसे अधिक अनुशासनहीनता कांग्रेस में है। दूसरी ओर, खडूर साहिब से कांग्रेस सांसद जसबीर डिंपा चुनाव परिणाम आने के बाद किसी बड़े धमाके के संकेत दे रहे हैं।
सांसद औजला ने पार्टी प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के बोलने के तरीके व विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय न रहने के आरोप लगाए हैं। औजला ने कहा था कि लोग नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी भाषा से नाराज हैं और अमृतसर पूर्वी विधानसभा सीट से उनकी जीत पर संशय है।
वहीं सांसद जसबीर सिंह डिंपा के बेटे को टिकट नहीं दिया गया था, जिस कारण उनके भाई अकाली दल में शामिल हो गए थे, उनकी भी अकाली दल से नजदीकियां बढ़ने लगी हैं। कपूरथला से विधायक राणा गुरजीत सिंह ने अपने बेटे इंदरप्रताप सिंह को सुलतानपुर लोधी से आजाद मैदान में उतारा है, जिससे उनकी खींचतान भुलत्थ से विधायक सुखपाल खैरा और सुलतानपुर लोधी से विधायक नवजेत सिंह चीमा से जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, नवतेज सिंह चीमा मतगणना का इंतजार कर रहे हैं, इसके बाद वह राणा गुरजीत सिंह को घेरने की तैयारी कर रहे हैं। सीएम चन्नी के भाई भी आजाद चुनाव लड़े हैं, वहां से कांग्रेस उम्मीदवार नवजोत सिंह सिद्धू के खास हैं। मतदान के बाद वहां पर भी चन्नी को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी चल रही है। लिहाजा कांग्रेस में अंदरूनी कलह तेज हो चुकी है।