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Punjab Election 2022: मुख्यमंत्री चेहरे के बिना चुनावी रण में उतरेगी कांग्रेस, सिद्धू, चन्नी सहित कई अन्य नेता कर रहे थे मांग

Tue, 18 Jan 2022 07:02 AM IST
Vikas Kumar अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मुख्यमंत्री चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू और भी पार्टी के कई नेता 2017 की तर्ज पर चुनाव में मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किए जाने की मांग सार्वजनिक मंच पर कर चुके हैं। प्रत्याशियों की पहली सूची के मंथन के दौरान भी पंजाब के दिग्गज नेताओं ने 2022 के चुनावी रण से पहले मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किए जाने की मांग रखी थी।
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चरणजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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अन्य राज्यों की तरह पंजाब में भी कांग्रेस बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनावी रण में उतरेगी। पार्टी की पंजाब राज्य इकाई के नेताओं की मांग को केंद्रीय नेतृत्व ने सिरे से खारिज कर दिया है। केंद्रीय नेतृत्व चुनाव में प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और पूर्व पार्टी प्रधान सुनील जाखड़ को चेहरा घोषित कर पहले ही इसके संकेत दे चुका है।

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मुख्यमंत्री चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू और भी पार्टी के कई नेता 2017 की तर्ज पर चुनाव में मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किए जाने की मांग सार्वजनिक मंच पर कर चुके हैं। प्रत्याशियों की पहली सूची के मंथन के दौरान भी पंजाब के दिग्गज नेताओं ने 2022 के चुनावी रण से पहले मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किए जाने की मांग रखी थी। उस समय केंद्रीय नेतृत्व ने यह कहकर उनकी मांग को टाल दिया था कि अभी उचित समय नहीं है, प्रत्याशियों की सूची फाइनल होने के बाद ही इस पर विचार किया जाएगा, लेकिन अब पहली सूची जारी हो चुकी है। दूसरी सूची भी लगभग फाइनल है। इसी हफ्ते पार्टी इसको जारी कर देगी। पार्टी के सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व इस बार अन्य चारों राज्यों में भी बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव लड़ रहा है। पंजाब में भी बिना मुख्यमंत्री चेहरे के ही चुनाव लड़ा जाएगा। पंजाब की मांग को केंद्रीय नेतृत्व ने देर रात हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में सिरे से खारिज कर दिया है। साथ ही पंजाब के नेताओं को भी सख्त संदेश देते हुए कहा है कि वह सिर्फ चुनाव प्रचार पर ध्यान दें और प्रचार के दौरान पार्टी में एकजुटता दिखाएं। केंद्रीय नेतृत्व के रुख को देखते हुए पार्टी की ओर से किए जा रहे प्रचार पोस्टरों में भी अब मुख्यमंत्री चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू और सुनील जाखड़ की तस्वीर दिखाई देने लगी है। इससे पहले सिर्फ चन्नी की ही तस्वीर पोस्टरों में दिखाई देती थी।

विधायक दिलाएंगे पंजाब की गद्दी
कांग्रेस आलाकमान ने यह संकेत भी दिए हैं कि पंजाब में यदि पार्टी चुनाव जीतती है तो विधायक ही मुख्यमंत्री का चेहरा निर्धारित करेंगे। इसके लिए दिल्ली में सभी पार्टी विधायकों को बुलाकर राय ली जाएगी, जिसके बाद केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री के चेहरे का एलान करेगा।
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टिकट दिलाने में जुटे दिग्गज
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू यह बात जान गए हैं, इसलिए वह चुनाव के दौरान अपने अपने लोगों को टिकट दिलाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व पर दबाव बना रहे हैं। जिसको लेकर लगातार सिद्धू और चन्नी के बीच कलह बढ़ रही है। हालांकि पहली सूची में कांग्रेस प्रधान का दबदबा दिखाई दिया। जिसके बाद अब दूसरी सूची में चन्नी अपने समर्थकों को टिकट दिलाने की जुगत कर रहे हैं।

जट सिख, दलित और हिंदू को साधने का दांव
पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व जानता है कि सत्ता विरोधी लहर में कांग्रेस चुनाव लड़ रही है। ऐसे में पंजाब के सभी वर्गों को साधना जरूरी है। इसलिए मुख्यमंत्री चन्नी के जरिए पार्टी आलाकमान ने दलितों को, जट सिख को सिद्धू के जरिए और हिंदुओं को जाखड़ के जरिए साधने का दांव चला है।

ये है जातीय समीकरण
पंजाब में सबसे अधिक हिंदू वोटरों की संख्या है। सूबे में हिंदू वोटर 38.49 वोट प्रतिशत के साथ सबसे अधिक हैं। इसके बाद 31.94 प्रतिशत के साथ अनुसूचित जाति वर्ग के वोटर दूसरे नंबर पर और जट सिख 19 वोट प्रतिशत के साथ तीसरे नंबर पर हैं। 10.57 प्रतिशत अन्य वर्ग हैं।

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