केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल व पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला।
- फोटो : एएनआई
12वीं की परीक्षाओं को लेकर पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को फीडबैक भेजा है। जिसमें परीक्षा से पहले विद्यार्थियों और शिक्षकों का टीकाकरण करवाने की मांग की। साथ ही विद्यार्थियों को नुकसान से बचाने के लिए उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम में कटौती समेत कई महत्वपूर्ण सुझाव भेजे हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को प्राथमिकता पर रखना चाहिए।
शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि बोर्ड की परीक्षाएं देने वाले विद्यार्थियों और अध्यापकों को टीके लगाने की सख्त जरूरत के साथ-साथ उनका स्वास्थ्य, बचाव और सुरक्षा भी बहुत महत्वपूर्ण है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रत्येक विषय-क्षेत्र के सिर्फ चुनिंदा और अति आवश्यक विषय की परीक्षा ही ली जानी चाहिए। परीक्षा का समय भी घटाया जा सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि प्री-बोर्ड परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन की तरफ भी ध्यान दिया जा सकता है। सिंगला ने कहा कि परीक्षाएं तब तक नहीं ली जानी चाहिए जब तक सबकी सुरक्षा को जरूरी नहीं बनाया जाता। उन्होंने कहा कि इस बात की पूरी संभावना है कि 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को उच्च शैक्षिक संस्थाओं में दाखि़ला लेने में देरी होगी। इसलिए उच्च शिक्षा संस्थानों को कोर्स के सिलेबस को घटाने के लिए कहा जाना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव घट सके।
सेमेस्टर की पढ़ाई में भी मिले छूट
शिक्षा मंत्री ने कहा कि उच्च शैक्षिक संस्थानों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा की परीक्षाएं पास करने के बाद अगले कोर्स के सभी सेमेस्टर की पढ़ाई जरूरी न की जाए। सिलेबस घटाने के लिए उदाहरण के तौर पर आठ सेमेस्टरों के कोर्स को घटाकर सात सेमेस्टरों का किया जा सकता है, जो विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव घटाने में सहायक होगा।