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‘ईडी ने बुलाया तो क्या अपराधी हो गए मजीठिया’

Wed, 18 Mar 2015 01:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने ड्रग्स तस्करी के मुद्दे पर राजस्व मंत्री बिक्रम मजीठिया का समर्थन किया। विधानसभा में बोलते हुए बादल ने कहा कि यह समस्या बहुत गंभीर है। नेताओं को एक-दूसरे पर आरोप लगाने से गुरेज करना चाहिए।
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राजस्व मंत्री बिक्रम मजीठिया को ईडी की ओर से बुलाए जाने के संबंध में बादल ने कहा कि वह किसी को भी बुला सकते हैं। ईडी के बुलाने का मतलब यह नहीं कि मजीठिया अपराधी हो गए। मामला अदालत में चल रहा है। हमें फैसले का इंतजार करना चाहिए।

मोदी, जेटली का किया धन्यवाद
मंगलवार को देश में उचित संघीय ढांचे की स्थापना सहित चंडीगढ़ और प्रदेश से अलग हो चुके पंजाबीभाषी इलाके वापस प्रदेश में शामिल किए जाने की बात फिर से दोहराई। वह राज्यपाल के अभिभाषण पर विधानसभा में बहस का जवाब दे रहे थे। उन्होंने नदी-जल बंटवारे को रायपेरियन सिद्धांत के अनुसार किए जाने की बात पर भी जोर दिया।
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इसके अलावा अमृतसर को हेरिटेज सिटी का दर्जा देने, जलियांवाला बाग को वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में शामिल करने और पंजाब को एम्स देने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की प्रशंसा भी की। साथ ही कांग्रेसी विधायकों की ओर से उठाए गए मसलों का जवाब भी दिया।

दरियाई पानी में हिस्सेदारी का मुद्दा उठाया

दरियाई पानी में हिस्सेदारी का मुद्दा उठाते हुए बादल ने कहा कि पंजाब के पास एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है। वास्तव में पंजाब भू-जल स्तर नीचे जाने के कारण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है।

विशेषज्ञों की राय है कि यदि रायपेरियन सिद्धांत के अनुसार पंजाब के हितों की रक्षा नहीं की गई तो अगले दशक तक या उसके बाद राज्य रेगिस्तान में बदल जाएगा।

उन्होंने कहा कि साल 1985 में प्रधानमंत्री राजीव गांधी सहित पूरी केंद्र सरकार ने पंजाब की सभी मांगें तुरंत स्वीकार करने का ऐलान किया था, लेकिन बाद में वह इस फैसले से पीछे हट गए थे।

मुख्यमंत्री ने पड़ोसी राज्यों को रियायतें देने से पंजाब में उद्योगों को हुए नुकसान, 1984 के दंगों का जिक्र भी अपने जवाब में किया। साथ ही कहा कि केंद्र में एनडीए की सरकार बनते ही जहां इन दंगों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है, वहीं पीड़ितों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देकर उनकी मदद की दिशा में कदम भी बढ़ाए गए हैं।
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एनडीए सरकार की सराहना की

उन्होंने प्रदेश में शांति एवं सांप्रदायिक सद्भावना कायम रखने की अपनी सरकार की कोशिशों का जिक्र किया। पोस्ट ग्रेजुएट हॉर्टिकल्चर रिसर्च एंड एजुकेशनल सेंटर सहित श्रीआनंदपुर साहिब को श्रीहजूर साहिब, नांदेड़ से जोड़ने के लिए गुरु गोबिंद सिंह मार्ग को राष्ट्रीय मार्ग घोषित करने के लिए भी एनडीए सरकार की सराहना की।

वहीं, प्रदेश में नगर निकाय चुनाव के स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण होने पर मुख्यमंत्री संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हर क्षेत्र में बढ़िया काम किया है और राज्यपाल के अभिभाषण में कही गई सभी बातें बिलकुल सही हैं।

विपक्ष ने किए वार
इससे पहले कांग्रेसी विधायकों बलबीर सिंह सिद्धू, हरदयाल सिंह कंबोज व अजीत इंद्र सिंह मोफर ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार को आड़े हाथाें लिया। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न मोर्चों पर विफल रही है।

बलबीर सिंह सिद्धू ने भूमि अधिग्रहण बिल पर ऐतराज जताते हुए कहा कि पंजाब सरकार मोेहाली के सेक्टर-76 से 80 की वह 102 एकड़ भूमि किसानों को लौटाए, जिसका अधिग्रहण साल 2000 की एक अधिसूचना के अनुसार किया गया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है और अब सरकार को यह भूमि लौटानी चाहिए।
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