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एक डीजीपी का अनोखा जवाब, बड़े-बुजुर्ग साथ हों तो बिना वारंट घर में घुस सकती है पुलिस

Tue, 11 Sep 2018 10:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा - फोटो : फाइल फोटो
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अवैध हिरासत के मामले में पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने बिना वारंट घर में घुसे पुलिस अधिकारियों को सही करार देने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अजीबोगरीब हलफनामा दे डाला। डीजीपी ने कहा कि अगर पुलिस के पास वारंट न हो तो भी वह बड़े-बुजुर्गों को साथ लेकर घर में प्रवेश कर सकती है।
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इस पर याची के वकील ने कहा कि डीजीपी ने तो सीआरपीसी बदल कर रख दी है। हाईकोर्ट की फटकार के बाद पंजाब सरकार ने मामले में कार्रवाई के लिए समय मांगा। इस पर हाईकोर्ट ने चार हफ्ते की मोहलत दे दी। मोगा निवासी समनजीत कौर ने एडवोकेट प्रदीप विर्क के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए उसके पति बेअंत सिंह की अवैध हिरासत का मुद्दा उठाया था।

समनजीत ने बताया कि उसके पति का किसी के साथ एक्सीडेंट हो गया था। उस व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी कि उसे धमकी भरे फोन आ रहे हैं और उसे शक है कि इसमें बेअंत सिंह का हाथ है। इसके बाद पुलिस उनके घर बिना वारंट आई और उसके पति और उनके तीन मोबाइल फोन ले गई।
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याचिका पर हाईकोर्ट ने वारंट ऑफिसर को मोगा थाने भेजा था। जब तक वारंट ऑफिसर पहुंचा तब तक पुलिस बेअंत सिंह को छोड़ चुकी थी। उनका कहना था कि जांच में उन्होेंने बेअंत सिंह को बेकसूर माना है। लेकिन एसएचओ ने यह भी माना था कि बेअंत को पुलिस लेकर आई थी। इस दौरान वारंट ऑफिसर ने पुलिस के पास से वे तीनों फोन मांगे तो देखा केवल वहां बॉक्स मौजूद थे, पर फोन नहीं।

इस पर वारंट ऑफिसर ने इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंप दी। वहीं इस बारे में हाईकोर्ट में एसएसपी का जो हलफनामा आया, वह वारंट ऑफिसर की रिपोर्ट से मेल नहीं खाता था। इस पर हाईकोर्ट ने डीजीपी से हलफनामा मांगा। मौका देने पर भी डीजीपी के हलफनामा न दाखिल करने पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार पर जुर्माना लगाया था। इसके बाद अब डीजीपी ने हलफनामा तो दाखिल किया लेकिन तीन में से केवल एक अधिकारी पर कार्रवाई की बात कही।

इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि आखिर कार्रवाई करने में ढील क्यों बरती जा रही है। साथ ही यह भी पूछा था कि बिना वारंट पुलिस का घर में आना ट्रेसपासिंग (अवैध प्रवेश) नहीं तो और क्या है। इस पर डीजीपी ने अब हलफनामा दाखिल कर अजीबोगरीब जवाब दिया।
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