पटियाला जेल में कुरुक्षेत्र निवासी 36 वर्षीय एक महिला ने 28 जून, 2019 को ओसीसीयू को शिकायत भेजते हुए आशीष कपूर पर उसे और उसके परिवार को फर्जी केस में फंसाने, लूटने और पुलिस की मौजूदगी में दुष्कर्म करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। यह मामला सामने आते ही जेल मंत्री की ओर से जेल सुपरिंटेंडेंट और अन्य कई अधिकारियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ केस दर्ज कराते हुए मामले की जांच शुरू कराई थी।
पुलिस ने महिला का बयान सीआरपीसी के सेक्शन 161 के तहत रिकॉर्ड किया। जांच के दौरान यह सामने आया कि महिला से सबसे पहले अमृतसर जेल में तत्कालीन सुपरिंटेंडेंट और अब एआईजी आशीष कपूर ने दुष्कर्म किया था। उसके बाद कपूर के इशारे पर जीरकपुर थाने के एसएचओ पवन कुमार ने महिला और उसके भाई पर इमिग्रेशन का झूठा मामला दर्ज करके उन्हें पटियाला जेल भिजवा दिया।
वहां पर भी आशीष कपूर के इशारे पर ही महिला से दुर्व्यवहार जारी रहा। 2 जुलाई, 2019 को महिला की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया गया, जिसमें महिला ने बैंक स्टेटमेंट और कई अन्य दस्तावेज पेश करते हुए आरोप लगाए कि जब उसे गिरफ्तार किया गया, तब आशीष कपूर ने 38.80 लाख रुपये नकद और 550 ग्राम सोने के गहने लूट लिए।
ये पैसा और सोना महिला और उसके परिवार के सदस्यों के घर, बैंक खातों और लॉकर से निकाले गए थे। महिला ने दर्ज बयान में कहा कि उसका और उसके परिवार के अन्य सदस्यों का आशीष कपूर की मौजूदगी में थर्ड डिग्री उत्पीड़न किया गया। उस समय कपूर की पत्नी भी वहां मौजूद थीं। आशीष कपूर ने एक पुलिस इंस्पेक्टर की कार में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उसके साथ दुष्कर्म किया।