स्वास्थ्य विभाग 70 साल से अधिक उम्र वाले पॉजिटिव मरीजों को अस्पताल में भर्ती करेगा। वहीं शहरी क्षेत्रों में बढ़ती संक्रमण की रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए नाइट कर्फ्यू को लेकर सख्त कदम उठाए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों ने दावा किया है कि पंजाब में जनवरी के पहले सप्ताह में वैक्सीन आ जाएगी।
पंजाब के कुछ जिलें ऐसे हैं, जहां पर संक्रण की दर के साथ ही मृत्यु की दर भी काफी अधिक है। इनमें लुधियाना, जालंधर, एसएएस नगर, पटियाला शामिल हैं। लुधियाना में संक्रमण और मृत्यु दर सभी जिलों से अधिक है। स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि जनवरी के पहले हफ्ते में वैक्सीन आने की संभावना है।
विभाग ने कोल्ड चेन तैयार कर लिया है। पहले चरण में सभी स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। संक्रमण की दर कम होने के बाद अब विभाग मृत्यु दर को कम में जुटा है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम नाइट कर्फ्यू को लेकर सख्ती बरतने की योजना बना रही हैं। कोरोना संक्रमण से पंजाब में मौतों का आंकड़ा 5000 पार हो चुका है।
पंजाब में कोरोना से 18 की और मौत
संक्रमण से मौतों के मामले में लुधियाना पहले स्थान पर है। यहां अब तक सबसे ज्यादा 944 लोग संक्रमण से मौत का शिकार हो चुके हैं। जालंधर में 608 और पटियाला में 459 लोग संक्रमण से दम तोड़ चुके हैं। बुधवार को 18 मौतों में अमृतसर में पांच, बठिंडा में एक, फिरोजपुर में तीन, गुरदासपुर में एक, कपूरथला में दो, लुधियाना में तीन, मानसा में एक, पटियाला में एक, संगरूर में एक शामिल हैं।
31 मार्च तक राधा स्वामी सत्संग भवनों में नहीं होंगे आयोजन
ब्यास नदी के किनारे स्थित डेरा ब्यास ने देशभर में स्थित सत्संग भवनों में होने वाले धार्मिक समागम 31 मार्च 2021 तक स्थगित कर दिए हैं। प्रबंधकों ने इस संदर्भ में एक अधिसूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि कोरोना के कारण डेरा श्रद्धालुओं के लिए सत्संग भवनों में जाने की पाबंदी होगी। इस दौरान सत्संग भवन बंद रहेंगे। डेरा ब्यास मुख्यालय में किसी भी श्रद्धालु को आने की आज्ञा नहीं दी जाएगी। इससे पहले भी डेरा ब्यास लॉकडाउन की घोषणा के बाद चार बार राधा स्वामी सत्संग भवनों के सभी आयोजनों पर पाबंदी लगा चुका है।