पंजाब में कांग्रेस का पीपीपी और सीपीआई के साथ समझौता हो चुका है। इस बारे में जल्दी ही पार्टी हाईकमान ऐलान कर सकती है।
समझौते की घोषणा होते ही पार्टी की प्रदेश इकाई में कोई विरोध का स्वर न उठे, इसे ध्यान में रखते हुए पार्टी प्रदेशाध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पहले ही जमीन तैयार करनी शुरू कर दी।
हाल ही में पीपीपी नेता मनप्रीत बराड़ को बठिंडा से समर्थन दिए जाने के फैसले का विरोध करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जगमीत सिंह बराड़ ने आरोप लगाया था कि समझौते से पहले मालवा के स्थानीय नेताओं को भरोसे में नहीं लिया गया।
अब बाजवा ने पार्टी के आगामी समझौतों को देखते हुए उनकी घोषणा से पहले ही पार्टी के स्थानीय नेताओं से संपर्क कायम करना शुरू कर दिया है।
वीरवार को उन्होंने बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर और मुक्तसर के विधायकों, पूर्व विधायकों व जिला प्रधानों के साथ मीटिंग की।
बैठक में नेताओं को फरीदकोट पर सीपीआई और बठिंडा पर पीपीपी के साथ समझौते के बारे में औपचारिक तौर पर बताया गया।
इसके साथ ही स्थानीय नेताओं का फीडबैक भी लिया गया। बाजवा ने दावा किया कि सभी ने कहा है कि हाईकमान का फैसला उन्हें मंजूर होगा।