कॉरिडोर के नींव पत्थर के साथ पंजाब में कांग्रेस की नई सियासत का उदय हो गया है। कांग्रेस में एक प्रेशर गुट के गठन का डेरा बाबा नानक मुख्य गवाह बन गया है। जहां कांग्रेस की नई सियासत शुरू हो गई। कांग्रेस में साफ हो गया है कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को अब विधायकों के साथ साथ पीपीसीसी प्रधान सुनील जाखड़ को साथ लेकर चलना होगा। कांग्रेस में सुखजिंदर सिंह रंधावा व तमाम सीनियर मंत्री, विधायक एक मंच पर आ गए हैं और जमीन पर बैठकर कैप्टन अमरिंदर को संदेश दे दिया है कि शिरोमणि अकाली दल के खिलाफ कांग्रेस को आक्रामक रुख अख्तियार करना ही होगा।
कांग्रेस जब पंजाब में सत्ता में आई तो कैप्टन अमरिंदर सिंह का अहम रोल तो रहा ही, पंजाबियों से वादा किया गया था कि सत्ता में आते ही ड्रग, रेत, केबल, ट्रांसपोर्ट माफिया को जेल की सलाखों में डाला जाएगा। पंजाब में कांग्रेस की सरकार बने डेढ़ साल से अधिक समय हो गया, लेकिन किसी माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे कांग्रेस मंत्रियों व विधायक काफी असहज हैं। बार बार जनता सत्ताधारी नेताओं से सवाल पूछ रही है। करीब एक साल पहले माझा के विधायक सहित कांग्रेस के 40 विधायकों ने मुख्यमंत्री को हस्ताक्षर युक्त पत्र लिखकर पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी, लेकिन फिर भी किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
पंजाब के विधायकों व मंत्रियों में अंदरखाते रोष है, क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से किसी भी बड़े घोटाले या ड्रग रैकेट की जांच नहीं कराई गई। यह उबाल तीन दिन पहले डेरा बाबा नानक में देखने को मिला, जब माझा के दमदार नेता पंजाब के जेल व सहकारिता मंत्री सुक्खी रंधावा ने अकालियों के खिलाफ मोर्चा खोला और कहा कि उद्घाटन पत्थर पर कैसे सुखबीर व पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल का नाम लिखा गया।