सांसद प्रताप बाजवा ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की।
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पंजाब कांग्रेस में अंतर्कलह रोकने के लिए दिल्ली हाईकमान पूरा जोर लगा रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कलह मिटाने को बनाई गई तीन सदस्यीय समिति से मुलाकात की और नवजोत सिद्धू की बयानबाजी पर नाराजगी जताई, वहीं बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की।
मुलाकात के बाद सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने बताया कि उन्होंने प्रदेश की राजनीतिक परिस्थिति और जमीनी हकीकत के बारे में राहुल गांधी से चर्चा की। बाजवा ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में सीएम पद का उम्मीदवार कौन होगा, इस पर हाईकमान को ही फैसला लेना है। वहीं हरीश रावत ने कहा कि हमने नवजोत सिंह सिद्धू के मुद्दे का संज्ञान लिया है, बाकी मामला संगठन से संबंधित है। संगठनात्मक राजनीतिक सवालों के लिए समिति ने रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष को दे दी है। 8-10 जुलाई तक कांग्रेस अध्यक्ष का निर्णय आ जाएगा।
पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ और वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने भी बुधवार को राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद जाखड़ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी विवाद जल्द खत्म हो जाएंगे। दो विधायकों के बेटों को सरकारी नौकरी देने के मामले पर जाखड़ ने कहा कि कुछ गलत लोगों ने सीएम को सलाह दी। वहीं विधायक नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के बीच चल रहे विवाद पर सुनील जाखड़ ने कहा कि यह अब परामर्श का हिस्सा है।
विधायक नवजोत सिंह सिद्धू के लगातार हमलों को झेल रहे और विधायक पुत्रों को सरकारी नौकरी देकर अपनी ही पार्टी में आलोचना का शिकार पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को नई दिल्ली में पार्टी हाईकमान द्वारा गठित तीन सदस्यीय कमेटी से मुलाकात की थी। इस दौरान कैप्टन ने तीन सदस्यीय कमेटी को यह स्पष्ट कर दिया है कि वे सिद्धू को किसी कीमत पर उपमुख्यमंत्री नहीं बनाएंगे। हालांकि इस बैठक के दौरान कमेटी ने अपनी ओर से कोई फैसला नहीं सुनाया है लेकिन प्रदेश कांग्रेस के विवादों को जल्द हल करने के अन्य संभावित तरीके तलाशने पर जोर दिया है। इस बीच, मंगलवार को कमेटी की मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद पार्टी सूत्रों के हवाले से पता चला है कि कमेटी जल्दी ही नवजोत सिंह सिद्धू को भी बातचीत के लिए बुलाएगी और उनका पक्ष भी नए सिरे से सुना जाएगा।