कैप्टन सिद्धू की जंग में कूदे परगट सिंह।
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बीच छिड़ी जंग में बुधवार को कांग्रेस विधायक परगट सिंह भी कूद गए। उन्होंने न सिर्फ कैप्टन के सिद्धू पर दिए बयान की कड़ी आलोचना की, बल्कि कैप्टन को निशाने पर लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपने बारे में सर्वे करवा लें, उन्हें खुद ही पता चल जाएगा कि पंजाब में कांग्रेस आज कहां खड़ी है। परगट ने कहा कि राज्य में कांग्रेस की साख बहुत अच्छी नहीं रही है।
मुख्यमंत्री की ओर से प्रदेश के कांग्रेस विधायकों की बुधवार को बुलाई गई बैठक के दौरान परगट सिंह भी मौजूद थे, जिन्होंने कोटकपूरा गोलीकांड मामले में एसआईटी की रिपोर्ट पर हाईकोर्ट के फैसले को राज्य सरकार की कमजोरी करार दिया। बाद में प्रेस कांफ्रेंस करके परगट सिंह ने बताया कि उन्होंने बैठक में मुख्यमंत्री को साफ कर दिया है कि आज हालात लीपापोती वाले नहीं रह गए हैं। सरकार को कुछ करके दिखाना होगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार लीपापोती में उलझी रही तो अब ज्यादा समय नहीं बचा है। सरकार को जल्द बेअदबी और गोलीकांड के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए कदम उठाने होंगे।
कैप्टन के नाम पर जीते थे चुनाव
पत्रकारों से बातचीत में परगट सिंह ने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव कांग्रेस नहीं बल्कि कैप्टन के नाम पर जीते थे। आज जो हालात बने हैं, वह अच्छे नहीं कहे जा सकते, क्योंकि सरकार इस मामले में लीपापोती करने में व्यस्त है। इस तरह इंसाफ कैसे मिलेगा? परगट ने साफ कहा कि राज्य सरकार में इस मामले को लेकर इच्छा-शक्ति की कमी है। आमतौर पर कहा जा सकता है कि कैप्टन और बादल के बीच फिक्स मैच चल रहा है। अगर लोगों में यह धारणा बनी है तो इसे तोड़ने की जिम्मेदारी भी सरकार की ही है।
परगट ने कहा कि कैप्टन को हाईकोर्ट के फैसले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि वे गृहमंत्री भी हैं ओर गृहमंत्री के तौर पर वे कोटकपूरा और बहिबलकलां मामले में अब तक हुई जांच व नतीजे के लिए जांच टीम के कप्तान के रूप में जिम्मेदार हैं। परगट ने कहा कि इस मामले में अब जो भी होगा, उसके लिए सीधे तौर पर कैप्टन ही जिम्मेदार होंगे। यह कैप्टन ही थे, जिन्होंने रवि सिद्धू को जेल भिजवाया था। लेकिन आज अगर मन ही नहीं है तो कुछ नहीं हो सकता और सवा चार साल में कुछ भी नहीं हुआ।
सिद्धू पटियाला से चुनाव लड़ें तो बेअदबी का मामला हल हो जाएगा
परगट ने कैप्टन द्वारा सिद्धू पर मंगलवार को दिए बयान का भी करारा जवाब देते हुए बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को अब जनता के बीच जाना है, लेकिन यह मुद्दा उठाने पर उन्हें कहा जा रहा है कि अगर किसी को ऐतराज है तो वह इस्तीफा दे दें। उन्होंने कहा कि कोई नहीं चाहता कि पार्टी का अनुशासन भंग हो, लेकिन जब कोई सुनवाई ही नहीं होगी तो कोई न कोई तो कुछ बोलेगा ही। एक सवाल के जवाब में परगट ने कहा कि क्या सिद्धू के पटियाला सीट से चुनाव लड़ने से बेअदबी का मुद्दा हल हो जाएगा? कैप्टन को ऐसी बयानबाजी शोभा नहीं देती। ऐसी कोई बात नहीं कही जानी चाहिए। अकाली दल आज इस बात की खुशी मना रहा है कि बेअदबी के आरोपियों को सजा नहीं मिली।