फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिद्धू की गुगली: आम आदमी पार्टी की तारीफ में नवजोत ने पढ़े कसीदे, पंजाब की सियासत में हो सकता है धमाका

Tue, 13 Jul 2021 02:02 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब की सियासत में जल्द ही बड़ा धमाका हो सकता है। पंजाब कांग्रेस की कलह लगभग एक महीने बाद भी अनसुलझी है। आलाकमान से मिलने के बावजूद नाराज नवजोत सिद्धू कैप्टन अमरिंदर सिंह से सुलह के मूड में नहीं हैं। कोटकपूरा गोलीकांड को लेकर हाईकोर्ट द्वारा स्पेशल टास्क फोर्स (एसआइटी) को रद्द करने के बाद कैप्टन पर सिद्धू के सवाल उठाने से शुरू हुआ सिलसिला बिजली संकट के दौर में भी जारी रहा। हाईकमान से बातचीत के बाद सिद्धू नरम पड़े और बिजली संकट पर आप और बादलों पर भी निशाना साधा। लगा कि सब सही हो गया है लेकिन मंगलवार को उनके एक ट्वीट ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी। तीन दिन पहले तक केजरीवाल पर हमलावर रहे सिद्धू को अचानक आप में हमदर्द दिखने लगा। 
विज्ञापन
नवजोत सिद्धू। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह का कारण बने नवजोत सिद्धू ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी की शान में खूब कसीदे पढ़े। सिद्धू ने कहा कि मेरे विजन और पंजाब के लिए काम को आम आदमी पार्टी ने हमेशा पहचाना है। फिर चाहे वह 2017 से पहले की बात हो, ड्रग्स, किसानों के मुद्दे, भ्रष्टाचार हो या बिजली संकट का सामना। सिद्धू ने कहा कि आज जब मैं पंजाब मॉडल पेश कर रहा हूं तो यह स्पष्ट है कि वे जानते हैं कि वास्तव में पंजाब के लिए कौन लड़ रहा है। 
विज्ञापन




इसके बाद सिद्धू ने एक और ट्वीट कर कहा कि अगर विपक्ष मुझसे सवाल पूछने की हिम्मत करता है तो वह भी मेरे जन समर्थक एजेंडे से नहीं बच सकता। उन्होंने आगे लिखा कि अब विपक्ष उनके और उनके जैसे बाकी वफादार कांग्रेसियों के बारे में गा रहा है-तुम अगर आप में आओगे तो कोई बात नहीं ... तुम अगर कांग्रेस में रहोगे तो मुश्किल होगी। नवजोत सिद्धू के इस ट्वीट के बाद उनके आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक हलकों में इसे सिद्धू बनाम कैप्टन की लड़ाई में प्रेशर गेम के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि कुछ दिन पहले ही सिद्धू ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा था। सिद्धू ने ट्वीट किया कि प्रदेश को दिल्ली मॉडल की नहीं, बल्कि पंजाब मॉडल की जरूरत है। सिद्धू ने लिखा कि दिल्ली मॉडल नहीं, दिल्ली अपनी बिजली खुद पैदा नहीं करती और इसका वितरण रिलायंस व टाटा के हाथों में है। जबकि पंजाब अपनी 25 प्रतिशत बिजली खुद पैदा करता है और बिजली पूर्ति पावरकॉम के जरिये करके हजारों लोगों को रोजगार भी देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें