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पंजाब विधानसभा चुनाव: टिकट बंटवारे पर कांग्रेस को सता रहा बगावत का डर, पड़ोसी के मंसूबे भांपने की कोशिश 

Tue, 11 Jan 2022 01:42 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब कांग्रेस की सूची जारी न होने का एक बड़ा कारण यह भी है कि पार्टी प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू अपने समर्थकों के लिए टिकट का दबाव बना रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री चन्नी अपने समर्थकों के लिए टिकट का दबाव बना रहे हैं। 
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कांग्रेस - फोटो : फाइल
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विस्तार
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पंजाब में कांग्रेस को टिकट बंटवारे से पहले पड़ोसी के घर में झांकना पड़ रहा है। अन्य दल क्या कर रहे हैं टिकट बंटवारे से पहले उनका रुख भांपना जरूरी है। यही कारण है कि दो दर्जन से अधिक विधायकों के टिकट फाइनल करने के बावजूद कांग्रेस सूची नहीं जारी कर पा रही है।

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पार्टी के सामने सबसे बड़ा रोड़ा कैप्टन और भाजपा का गठबंधन है। रही सही कसर सिद्धू और चन्नी की बीच चल रही खींचतान ने पूरी कर दी है। पार्टी को डर है कि टिकट जल्द घोषित करने पर पार्टी में होने वाली भगदड़ का दूसरे दल फायदा उठाएंगे। दूसरे दल भी इसी की राह देख रहे हैं कि भगदड़ मचे और वे दांव चलें।

चुनाव तारीखों की घोषणा से पहले जारी होनी थी पहली सूची

चुनाव आयोग की तारीख की घोषणा से पहले ही कांग्रेस की पहली सूची जारी की जानी थी। इस सूची में 50 से अधिक नामों पर आम सहमति बन गई थी। पंजाब में कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक में प्रत्याशियों के नामों की छंटनी कर फाइनल सूची केंद्रीय चुनाव समिति को भेज दी गई थी। इस सूची में 10 से अधिक मौजूदा विधायकों के नाम नहीं शामिल किए गए हैं। आलाकमान और पार्टी के कई बड़े नेताओं को सूची जारी करने को लेकर बगावत का डर सताने लगा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि जिन विधायकों या दावेदारों के टिकट काटे जाएंगे वह कैप्टन की पंजाब लोक कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो जाएंगे। 

उत्तराखंड को लेकर भी है चिंता

चुनाव से ठीक पहले पार्टी में बगावत होने से एक अच्छा संदेश लोगों में नहीं जाएगा। वैसे भी अभी पार्टी नेताओं के बीच खींचतान बनी हुई है। पार्टी सूत्रों की मानें तो आलाकमान यह मान रहा है कि यदि पंजाब में टिकटों को लेकर बगावत होती है तो दूसरे राज्यों में जहां चुनाव हैं वहां भी ऐसे हालात बन सकते हैं। खासकर उत्तराखंड को लेकर भी कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व काफी सजग है। वहां भी हरीश रावत के खिलाफ दूसरे कई पार्टी के नेता बगावती सुर पकड़े हुए हैं।

टिकट घोषणा में देरी के पक्ष में सिद्धू

टिकट के बंटवारे में कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू भी देरी चाहते हैं। उन्हें भी यह अंदेशा है कि प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही पार्टी में तेजी से बगावत शुरू हो जाएगी। पार्टी प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू का कहना है कि कांग्रेस में टिकटों का वितरण देरी से करना नीतिगत फैसला है। हालांकि उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए हैं कि जल्द ही पार्टी सूची जारी करने वाली है।

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