जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, कांग्रेस आक्रामक तेवर दिखाए जा रही है। न सरकार को छोड़ती है और न ही आम आदमी पार्टी को। प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अकाली दल की ओर से मोगा में आयोजित पानी बचाओ, पंजाब बचाओ रैली को खारिज किया है। साथ ही इसे निराशाजनक बादल बचाओ रैली करार दिया है।
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इसके जरिए पार्टी दस सालों के कुशासन के चलते राज्य में खो चुकी विश्वसनीयता को लेकर रो रही थी। कैप्टन ने कहा कि रैली में ललचा कर, धमका कर किराए के वर्करों व भीड़ को लाना साबित करता है कि पार्टी पूरी तरह से मुद्दाहीन है। विधानसभा चुनाव में भारी हार सामने देख कर खुद को बचाने की मुद्रा में पहुंच चुकी है। रैली केएसवाईएल के विरोधी होने के दावे के बावजूद यह फुस्स पटाखे की तरह निकली।
इस अवसर पर अपना जन्मदिन मना रहे मुख्यमंत्री एसवाईएल पर कोई एक्शन प्लान घोषित करने में नाकाम रहे। यह बादलों द्वारा एसवाईएल पर कई हफ्तों से किए जा रहे शब्दों के आडंबर का हिस्सा है, जिसे अब पंजाब के लोग समझ चुके हैं। लोग जानते हैं कि यह पूरा ड्रामा चुनाव के मद्देनजर रचा गया है। जबकि, सीएम प्रकाश सिंह बादल ही एसवाईएल मुद्दे को इस मोड़ पर लाने के लिए जिम्मेदार हैं। अगर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में केस सही ढंग से लड़ने की कोशिश की होती तो हालात विपरीत होते।
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नशा, शराब पर अदालत में पकड़ा गया बादल का झूठ
कैप्टन अमरिंदर सिंह
प्रदेश कांग्रेस ने पंजाब मे नशा व शराब की समस्या पर दो अलग-अलग अदालतों में की गई टिप्पणियों व पेश की गई जानकारियों पर गंभीर चिंता जताई है। साथ ही कहा कि इससे इन मुद्दों पर बादल के झूठ पूरी तरह पकड़े गए हैं। पार्टी नेताओं मोहिंदर सिंह केपी व बिक्रमजीत चौधरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे पर शराब की बिक्री में बढ़ोतरी पर टिप्पणी की है।
जबकि, पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में नशा तस्करी के केसों में बढ़ोतरी का खुलासा किया गया है। अदालतों में इन घटनाओं ने बादल द्वारा किए जा रहे झूठे दावों का भंडाफोड़ कर दिया है कि पंजाब में नशे और शराब की कोई समस्या नहीं है। सर्वोच्च अदालत ने खुद पंजाब सरकार के वकील पर शराब लॉबी का बचाव करती नीति की पैरवी करने का आरोप लगाया है, जिससे पता चलता है कि राज्य में शराब की समस्या कितनी गहराई तक फैली हुई है।
साथ ही बादल सरकार इस लॉबी को फायदा पहुंचाने के लिए कितनी तत्पर है। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह इन समस्याओं के खात्मे और नशा तस्करी में दोषी पाए गए लोगों को सजा देने का वादा कर चुके हैं। कांग्रेस के सत्ता में आने पर इन मुद्दों पर प्रमुखता से कार्रवाई की जाएगी।
एसवाईएल पर लोगों को भ्रमित नहीं कर पाएंगे बादल
जालंधर में प्रेसवार्ता करते सुनील जाखड़।
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब कांग्रेस उप प्रधान सुनील जाखड़ ने शिरोमणि अकाली दल की ओर से मोगा के पास की पानी बचाओ रैली को फ्लॉप शो करार दिया है। उन्होंने कहा कि लाख कोशिशों और सरकारी पैसे का दुरुपयोग कर आयोजित की गई रैली आयोजकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। बठिंडा रैली की तरह मोगा में भी सादी वर्दी में हजारों पुलिसकर्मी दर्शक दीर्घा में बैठाए गए, पर उपस्थिति के चेहरों से जोश व उमंग गायब थी।
जाखड़ ने कहा कि सीएम और डिप्टी सीएम ने वही झूठे दावे दोहराए, जिनकी पहले हवा निकल चुकी थी। रैली ने स्पष्ट संकेत दिया कि काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ सकती। कांग्रेस को पानी पी-पी कर कोसने वाले सीएम और डिप्टी सीएम में अगर दम होता पीएम नरेंद्र मोदी के पास एसवाईएल का मुद्दा मजबूती से रख कर इसे निपटा सकते थे, लेकिन वह इस मुद्दे के हल के लिए प्रधानमंत्री से फरियाद भी नहीं कर सके।
जाखड़ ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह दस्तावेज पेश कर चुके हैं, जिनसे यह प्रमाणित हो चुका है कि एसवाईएल के मामले में सीएम प्रकाश सिंह बादल ने हरियाणा लोकदल के नेता चौधरी देवीलाल से रिश्ते निभाने और निजी स्वार्थ साधने के लिए पंजाब के हितों को कुर्बान कर दिया था। पंथ के नाम पर स्वार्थों की राजनीति करने वाला अकाली दल अब पंजाबियों को भ्रमित नहीं कर पाएगा।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
आम आदमी पार्टी के वॉलंटियरों की ओर से बुधवार को लुधियाना में किए प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस ने आप पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि जो अपने मुट्ठी भर वॉलंटियरों को संभालने में नाकाम रही, उस आप से पंजाब जैसे बड़े राज्य को चलाने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। खासकर जिसका दिल्ली को चलाने का शर्मनाक रिकॉर्ड है।
कांग्रेस नेताओं परगट सिंह व इंदरबीर बोलारिया ने वॉलंटियरों की ओर से कथित तौर पर पैसे लेकर जगरांव हलके से गलत उम्मीदवार को टिकट देने का आरोप लगाकर प्रदर्शन करने पर तीखी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने कहा कि आप के लिए यह बहुत बुरा है, जिसका असर उसकी खाली रैलियों में नजर आ रहा है। लेकिन अब प्रदर्शनकारी वॉलंटियर आप की रैलियों में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जो पार्टी के चेहरे से उतर चुके झूठ के मुखौटे की ओर इशारा करता है।
आप में बढ़ रही कलह टिकटों के आवंटन के समय सामान्य मानी जा सकती है, लेकिन वॉलंटियरों की ओर से आप के राष्ट्रीय कनवीनर अरविंद केजरीवाल सहित अन्य नेताओं के खिलाफ सरेआम घोटालों का आरोप लगाने से पूरी पार्टी की हालत बुरी तरह बिगड़ चुकी है। ऐसे में आप को विधानसभा चुनाव में एक गंभीर प्रतियोगी नहीं माना जा सकता। आप नेताओं द्वारा विरोध करते हुए टिकट बेचने और नशा तस्करी में शामिल होने के आरोपों को अब ज्यादा देर तक नकारा नहीं जा सकता।