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कैप्टन के गढ़ में बगावत: मंत्री रंधावा की दो टूक-न किसी से डरे हैं, न डरेंगे, खुलकर सिद्धू के साथ आए पटियाला के दो विधायक

Mon, 19 Jul 2021 09:43 AM IST
निवेदिता वर्मा रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

नवजोत सिद्धू से एक घंटे की मुलाकात के बाद रविवार को घन्नौर के विधायक मदन लाल जलालपुर ने कहा कि अगर पंजाब सरकार ने अपने चुनावी वादे पूरे किए होते तो आज यह नौबत न आती। लोगों में कैप्टन सरकार को लेकर गुस्सा है। सिद्धू लोगों की आवाज हैं और इसको दबाया नहीं जा सकता है। जलालपुर एक समय में कैप्टन के काफी करीबी माने जाते थे।
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पटियाला में मंत्री रंधावा के साथ बात करते नवजोत सिद्धू। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के गढ़ पटियाला में पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थन में रविवार को दो कांग्रेस विधायक खुलकर सामने आ गए। इनमें घन्नौर हलके से विधायक मदन लाल जलालपुर और शुतराणा से निर्मल सिंह हैं। खास तौर से विधायक जलालपुर ने साफ शब्दों में कैप्टन से कह दिया कि सिद्धू पंजाब की आवाज हैं। अगर वह प्रधान न बनाए गए तो पार्टी को आने वाले विधानसभा चुनाव में नुकसान होगा। कैप्टन को चाहिए कि वह दरियादिली दिखाएं और सिद्धू को पार्टी के हित में माफ कर दें। वहीं विधायक निर्मल सिंह ने भी सिद्धू के प्रधान बनने की हिमायत की और कहा कि सिद्धू अगर पार्टी प्रधान बने तो वर्करों में नया जोश पैदा होगा।

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गौरतलब है कि दोनों विधायक पहले भी कैप्टन खिलाफ बागी तेवर दिखाते रहे हैं। रविवार को सिद्धू जलालपुर के गांव जलालपुर स्थित आवास स्थान पर पहुंचे। जहां बंद कमरे में सिद्धू ने करीब एक घंटा बैठक की। बैठक में विधायक जलालपुर के अलावा विशेष तौर से पंजाब के जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, पटियाला के ही हलका शुतराणा के विधायक निर्मल सिंह, बाघापुराना से विधायक दर्शन सिंह बराड़ और गुरदासपुर के विधायक बरिंदर पाहड़ा मौजूद रहे।


बैठक के बाद जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने एक बार फिर कैप्टन सरकार को नशे और बरगाड़ी मुद्दे पर घेरा। रंधावा ने कहा कि दमदमा तख्त साहिब के सामने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शपथ ली थी कि वह पंजाब से नशा खत्म कर देंगे, लेकिन यह वादा पूरा नहीं हुआ। बरगाड़ी मामले में भी पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिला। लोग इन मुद्दों पर अब सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। रंधावा ने सवाल किया कि भोला रैकेट से जो छह हजार करोड़ के ड्रग्स पकड़े गए थे। उन ड्रग्स के पैसे सरकार ने कहां खपाए, इस बारे में जवाब दिया जाना चाहिए। 
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रंधावा ने साफ किया कि उनकी कैप्टन से लड़ाई मुद्दों की है। उनका पहले भी यही स्टैंड था और अब भी है। रंधावा ने कहा कि जैसे राहुल गांधी ने कहा है कि कांग्रेस में डरने वालों के लिए जगह नहीं है। इसलिए उनके समेत कोई कांग्रेसी किसी से न डरा है और न डरेंगे। रंधावा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि रविवार की बैठक किसी तरह का कोई शक्ति प्रदर्शन नहीं है। बल्कि बैठक करके पार्टी के वर्करों की हौसला अफजाई की गई है। बैठक में आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी को मजबूत करने पर विचार किया गया।

किसी समय कैप्टन व उनकी पत्नी सांसद परनीत कौर के काफी करीबी रहे जलालपुर ने कहा कि अगर पंजाब सरकार ने अपने चुनावी वादे पूरे किए होते तो आज यह नौबत न आती। लोगों में कैप्टन सरकार को लेकर गुस्सा है। उन्होंने कहा कि सिद्धू लोगों की आवाज हैं और इसको दबाया नहीं जा सकता है। अगर सिद्धू को प्रधान नहीं बनाया जाता तो कांग्रेस का आने वाले विधानसभा चुनावों में बड़ा नुकसान होना तय है। 

बाजवा को माफी मिल सकती है तो सिद्धू को क्यों नहीं
जलालपुर ने आगे कहा कि प्रताप सिंह बजावा भी पहले कैप्टन के खिलाफ काफी बोलते रहे हैं और अब कैप्टन उन्हीं बाजवा के साथ बैठकर चाय-पानी पी रहे हैं। अगर कैप्टन उन्हें माफ कर सकते हैं तो फिर सिद्धू को क्यों नहीं। जलालपुर ने कहा कि ऐसे राजनेताओं के कारण कांग्रेस को पहले भी नुकसान हुआ है और अब भविष्य में भी होगा। कैप्टन पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। पार्टी व वर्करों के लिए मां-बाप के बराबर हैं। ऐसे में उन्हें दरियादिली दिखाते हुए सिद्धू को माफ कर देना चाहिए। यह छोटी बात है।

बैठक से पहले सिद्धू से उनके घर में भी मिले निर्मल सिंह
विधायक जलालपुर के घर पर बैठक से पहले शुतराणा से विधायक निर्मल सिंह मुलाकात के लिए सिद्धू के घर भी पहुंचे। जहां उन्होंने करीब आधा घंटा सिद्धू साथ बैठक की। बाद में निर्मल सिंह ने कहा कि सिद्धू को प्रधान बनाने से पार्टी वर्करों में नया जोश पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि कैप्टन को भी सिद्धू को बधाई देनी चाहिए थी। सिद्धू को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने का हाईकमान का फैसला 100 फीसदी सही है।

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