पंजाब कांग्रेस मामलों के प्रभारी हरीश रावत के कड़े निर्देश के बाद प्रदेश कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने सलाहकार मालविंदर सिंह माली को राजनीतिक सलाहकार के पद से हटा दिया है लेकिन साथ ही पार्टी हाईकमान को चेताया है कि मुझको फैसले लेने का अधिकार दें। माली ने पद छोड़ने के बाद कहा कि अगर उनको कोई जानी नुकसान होता है तो इसके लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत कई लोग जिम्मेदार होंगे।
मालविंदर सिंह माली ने कहा है कि उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू को सलाह देने को लेकर दी गई सहमति शुक्रवार को वापस ले ली है। उन्होंने अपने इस फैसले की जानकारी शुक्रवार को अपने फेसबुक पेज पर दी। उन्होंने लिखा- पंजाब, पंजाबी समुदाय और सिख विरोधी ताकतों द्वारा पंजाब मॉडल, पंजाब के मुद्दे पर उनके हल के लिए लंबे समय से चल रहे शांतिपूर्ण किसान आंदोलन से संदर्भ में उतर रही पारदर्शी व जवाबदेही की सियासत, संवाद को धराशायी करने और इसके पक्ष में हाथ बांधकर लड़ने के दबाव को नकारते हुए मैं नवजोत सिंह सिद्धू को सलाह देने की दी गई सहमति को वापस लेने का नम्रतापूर्वक एलान करता हूं।
इसके साथ ही, माली ने अपनी जान को खतरे की आशंका भी जताई है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में ही लिखा है कि मेरे विचारों के बारे में जो सनकी प्रचार सियासतदानों ने किया है, इस प्रसंग में मेरा कोई जानी नुकसान होता है तो कैप्टन अमरिंदर सिंह, विजय इंदर सिंगला, मनीष तिवारी, सुखबीर बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया, भाजपा सचिव सुभाष शर्मा और आप नेता राघव चड्ढा व जरनैल सिंह जिम्मेदार होंगे।
लगातार विवादित बयान दे रहे थे माली
माली को सिद्धू ने जब से अपना राजनीतिक सलाहकार नियुक्त किया था, तभी से वह मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ हमलावर थे। उन्होंने फेसबुक पर कश्मीर को लेकर विवादित पोस्ट डाली। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के संबंध में विवादित पोस्ट लिखते हुए उनकी तस्वीर के साथ हथियार और नरमुंड लगाया था।