आशा कुमारी के समर्थन में उतरे कैप्टन अमरिंदर सिंह
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विरोधी दलों के हमलों के बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब कांग्रेस की नई प्रभारी के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने आक्रामक तेवर अपनाते हुए आशा कुमारी का बचाव किया। कैप्टन ने आशा कुमारी की नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा है कि नियुक्ति से पहले पूछे जाने पर उन्होंने पूरी जिम्मेदारी के साथ इस पर सहमति दी थी। कैप्टन ने कहा कि आम आदमी पार्टी को कांग्रेस पर उंगली उठाने से पहले अपने अंदर झांकना चाहिए।
शिअद, भाजपा व आप नेताओं पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कैप्टन ने कहा कि यह उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली बात हुई। बेहतर होगा कि यह नेता कांग्रेस के अंदर झांकने केबजाय अपना घर संभालें। आप के सात विधायक भ्रष्टाचार से लेकर दुराचार के गंभीर आरोपों में जेल में हैं। औरतों के साथ छेड़छाड़ और बुजुर्ग को थप्पड़ मारने के आरोपी विधायक को बचाने केलिए आप को नैतिकता नजर नहीं आती, लेकिन पार्टी के नेता यहां कांग्रेस को नैतिकता का उपदेश दे रहे हैं।
कैप्टन ने कहा कि आशा कुमारी की सजा पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई हुई है। हाईकोर्ट ने अभी अंतिम फैसला देना है, लेकिन विरोधी नेता उन्हें दोषी करार देने को तैयार हैं। उन्होंने शिअद-भाजपा से सवाल किया कि अगर वे नवजोत सिद्धू का संसद केलिए नामांकन कर सकते हैं, जिनकी सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई हुई है। फिर आशा कुमारी की नियुक्ति पर कैसे विरोध जता सकते हैं। अकालियों के पास तो बोलने का नैतिक अधिकार ही नहीं है, जिनके मंत्री तोता सिंह को भ्रष्टाचार मामले में सजा हुई है। कहा कि महिला विंग प्रधान बीबी जगीर कौर को बेटी गायब करने के आरोप में सजा मिली है।
लोगों को इससे मतलब नहीं है : जाखड़
कांग्रेस उपप्रधान सुनील जाखड़ ने कहा है कि आशा कुमारी की नियुक्ति पार्टी का अंदरूनी मामला है। आज पंजाब में आम लोगों के लिए बेरोजगारी, नशे समेत तमाम मुद्दे है। उन्हें इससे मतलब नहीं है कि पंजाब कांग्रेस का इंचार्ज कौन है। हाईकोर्ट ने मेरिट के आधार पर ही उनकी सजा पर रोक लगाई है। कांग्रेस वर्कर और लीडरशिप का फोकस कैप्टन अमरिंदर सिंह हैं। बाकी सभी नेता सपोर्टिव रोल में ही रहेंगे। पंजाब में क्षेत्रीय पार्टी से मुकाबला है, इसलिए हाईकमान ने क्षेत्रीय नेता को सेक्रेट्री इंचार्ज नियुक्त किया है।